Micron Technology के ताइवान प्लांट में कामगारों ने हड़ताल की चेतावनी दी है। AI चिप्स की भारी मांग के बीच प्रॉफिट-शेयरिंग को लेकर चल रहे इस विवाद से ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर पड़ने की आशंका है।
मुनाफे में हिस्सेदारी की मांग
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के दौर में चिप की मांग आसमान छू रही है, जिसका फायदा Micron के कर्मचारी भी उठाना चाहते हैं। ताइवान की ताओयुआन (Taoyuan) और ताइचुंग (Taichung) फैसिलिटी में कर्मचारी इस गुरुवार से काम बंद करने की तैयारी में हैं। यूनियन की मांग है कि कंपनी अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट का 15% हिस्सा बोनस के तौर पर बांटे। इतना ही नहीं, कर्मचारियों ने 83 महीने की सैलरी के बराबर वन-टाइम बोनस की मांग रखी है, जबकि कंपनी ने अब तक सिर्फ 68 महीने के बराबर का बोनस ऑफर किया था जिसे कर्मचारियों ने ठुकरा दिया है।
ग्लोबल सप्लाई चेन पर क्या होगा असर?
Micron का ताइवान बेस उसके पूरे ग्लोबल DRAM चिप प्रोडक्शन का करीब 50% से 60% हिस्सा संभालता है। ऐसे में अगर हड़ताल लंबी खिंची, तो कंपनियों को चिप सप्लाई में देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर Micron के रेवेन्यू और मार्जिन पर पड़ेगा। कंपनी के पास अन्य जगह भी मैन्युफैक्चरिंग साइट्स हैं, लेकिन ताइवान जैसे बड़े प्रोडक्शन हब की भरपाई करना आसान नहीं होगा।
निवेशकों के लिए सबक
भारतीय निवेशकों के लिए यह खबर सेमीकंडक्टर सेक्टर में लेबर डायनामिक्स को समझने के लिए एक केस स्टडी है। हालांकि, भारत के गुजरात में बन रहा Micron का नया प्लांट इस विवाद से अलग है, लेकिन ग्लोबल स्तर पर किसी भी बड़ी मैन्युफैक्चरिंग इकाई में काम रुकना एक रिस्क फैक्टर होता है। फिलहाल, सभी की नजरें यूनियन और मैनेजमेंट के बीच होने वाली मीडिएशन पर टिकी हैं। अगर हड़ताल हुई, तो यह स्टॉक के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
