मेक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने सोशल मीडिया कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। Coahuila में हुई स्कूल फायरिंग के बाद सरकार अब ऐसे नए कानून ला रही है, जिसके तहत हिंसा को बढ़ावा देने वाले कंटेंट को न हटाना कंपनियों को महंगा पड़ेगा।
मेक्सिको सरकार अगले हफ्ते एक नया कानून पेश करने जा रही है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी को काफी बढ़ा देगा। राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने हाल ही में Coahuila में हुई दुखद घटना के बाद इस पहल की घोषणा की है। इस नए कानून का मकसद उन डिजिटल कंटेंट्स की पहचान करना और उन्हें हटाना है, जो हिंसा को उकसाते हैं।
टेक प्लेटफॉर्म्स पर क्या होगा असर?
यह कदम Meta Platforms और Alphabet जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के लिए एक बड़ा बदलाव है। अभी तक ये कंपनियां वॉलंटरी तौर पर सुरक्षा के लिए काम करती रही हैं, लेकिन नया कानून इसे अनिवार्य और कानूनी रूप से बाध्यकारी बना देगा। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि इससे कंपनियों की Compliance Cost यानी नियमों के पालन में होने वाला खर्च बढ़ सकता है। कंपनियों को कंटेंट मॉडरेशन के लिए बेहतर AI फिल्टर, मानव टीम और स्थानीय लीगल सपोर्ट पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। यदि कंपनियां इन नए नियमों को लागू करने में विफल रहती हैं, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
सरकार का कड़ा रुख
सोशल मीडिया रेगुलेशन के अलावा, सरकार बच्चों की सुरक्षा के लिए कई और कदम उठा रही है। इसके तहत 3 नवंबर 2026 से मेक्सिको के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू किया जाएगा। फिलहाल निवेशकों की नजरें अगले हफ्ते पेश होने वाले बिल के ड्राफ्ट पर हैं, जिसमें यह साफ होगा कि 'हिंसा को भड़काने' के दायरे में क्या आएगा और इसका उल्लंघन करने पर कितनी पेनल्टी का प्रावधान है।
