मेक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने एक सख्त आदेश जारी किया है, जिसके तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को **1 महीने** के भीतर बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू करने होंगे।
सरकार का सख्त रुख
मेक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग सर्विसेज के लिए एक नया 'प्रेसिडेंशियल डिक्री' जारी किया है। अक्टूबर 2026 में Coahuila में हुई एक हिंसक घटना के बाद सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। अब कंपनियों को हिंसक, यौन सामग्री और नफरत फैलाने वाले कंटेंट से बच्चों को बचाने के लिए कड़े नियम बनाने होंगे।
कंपनियों पर क्या है असर?
प्लेटफॉर्म्स को 'सेफ्टी-बाय-डिज़ाइन' फीचर अपनाने होंगे। इसमें एज रेटिंग्स, बाय-डिफ़ॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स और पैरेंटल सुपरविजन जैसे टूल्स शामिल हैं। साथ ही, साइबर-बुलिंग और सेल्फ-हार्म कंटेंट को तुरंत हटाने के लिए एक सिस्टम तैयार करना होगा।
टेक दिग्गजों पर दबाव
सरकार ने Meta, Microsoft, Apple, TikTok, Google, X और Huawei जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है। इन कंपनियों के लिए 1 महीने की समयसीमा में अपने एल्गोरिदम को अपडेट करना एक बड़ी ऑपरेशनल चुनौती है।
हालाँकि फिलहाल कोई सीधा फाइनेंशियल जुर्माना तय नहीं किया गया है, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि भविष्य में कानून बनाकर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम निवेशकों के लिए एक बड़ा 'रेगुलेटरी रिस्क' संकेत है, क्योंकि कंपनियों को अब कंप्लायंस और मॉनिटरिंग पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
