Meta के $18 बिलियन के समझौते से भारत में मचा हड़कंप, क्या अब भारत में भी होंगे कड़े नियम?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Meta के $18 बिलियन के समझौते से भारत में मचा हड़कंप, क्या अब भारत में भी होंगे कड़े नियम?

अमेरिका में हुए **$18 बिलियन** के चाइल्ड-सेफ्टी समझौते के बाद Meta पर भारत में भी कड़े नियम लागू करने का दबाव बढ़ गया है। नीति निर्माता अब भारतीय यूजर्स के लिए भी समान सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, जो कंपनी के बिजनेस मॉडल और कंप्लायंस कॉस्ट को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका में हुए $18 बिलियन के बड़े सेटलमेंट ने टेक जायंट Meta की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यह समझौता प्लेटफॉर्म के डिजाइन और नाबालिगों पर पड़ने वाले उनके असर से जुड़े कानूनी विवादों को सुलझाने के लिए किया गया है। अब इसकी गूंज भारत में भी सुनाई दे रही है, जहां नीति निर्माता और एक्टिविस्ट कंपनी से मांग कर रहे हैं कि भारत में भी ऐसे ही सख्त सेफ्टी गार्डरेल्स लागू किए जाएं।\n\nअमेरिकी समझौते के तहत Meta को कई तकनीकी बदलाव करने होंगे, जैसे यूजर्स के लिए 2 घंटे का डेली यूसेज कैप, रात के समय प्लेटफॉर्म एक्सेस पर रोक और एल्गोरिदम में बदलाव ताकि एडिक्टिव फीचर्स को कम किया जा सके। ये नियम अमेरिका में तो लागू हो रहे हैं, लेकिन भारत में ऐसी सुरक्षा की कमी को लेकर अब सवाल उठाए जा रहे हैं।\n\n### NHRC की नजरें\nनेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है। संस्था Meta के प्लेटफॉर्म पर हानिकारक कंटेंट और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जांच कर रही है। अब तक भारत सरकार टेक कंपनियों से स्वैच्छिक अनुपालन (voluntary compliance) की उम्मीद रखती थी, लेकिन अमेरिकी मामले की गंभीरता को देखते हुए अब कड़े नियमों की ओर झुकाव बढ़ता दिख रहा है।\n\n### निवेशकों के लिए जोखिम\nMeta का बिजनेस मॉडल पूरी तरह से यूजर्स को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने पर टिका है, ताकि ज्यादा विज्ञापन दिखाए जा सकें। यदि भारतीय रेगुलेटर अमेरिका की तरह अनिवार्य यूसेज लिमिट या एल्गोरिदम में बदलाव लागू करते हैं, तो इससे कंपनी की एंगेजमेंट मेट्रिक्स गिर सकती है और कंप्लायंस कॉस्ट में भारी इजाफा हो सकता है। फिलहाल निवेशकों को सरकार की अगली चाल पर नजर रखनी होगी, क्योंकि कंसल्टेशन से आगे बढ़कर अगर ये नियम अनिवार्य कानून का रूप लेते हैं, तो यह कंपनी के कामकाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.