Meta Platforms के शेयर सितंबर में **36%** उछल गए हैं। इसकी बड़ी वजह नया Muse AI असिस्टेंट है, जिसे यूजर्स हाथों-हाथ ले रहे हैं। कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन अब **$2 ट्रिलियन** के करीब पहुंच गया है, हालांकि भारी-भरकम AI खर्च निवेशकों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है।
AI का जादू और शेयर में जोरदार रैली
सितंबर 2026 में Meta Platforms ने बाजार में अपनी धाक जमा दी है। कंपनी के शेयरों में 36% का उछाल देखा गया है, जो जुलाई 2013 के बाद से इसका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। इस तेजी के पीछे 'Muse' पर्सनल AI असिस्टेंट है, जिसकी ऐप स्टोर्स पर जबरदस्त डिमांड देखने को मिली है। इस सफलता ने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया है कि Meta अपने AI इनिशिएटिव से कमाई करने में सक्षम है।
बढ़ता खर्च और कैश फ्लो का संकट
अच्छी खबरों के बीच एक बड़ा जोखिम भी सामने आ रहा है। कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर पानी की तरह पैसा बहा रही है। साल 2026 में Meta का कैपिटल एक्सपेंडिचर $140 बिलियन रहने का अनुमान है, जो 2025 के मुकाबले लगभग दोगुना है। यह खर्च यही नहीं रुकेगा, 2027 में इसके $197 बिलियन और 2028 तक $215 बिलियन तक पहुंचने के आसार हैं।
इस बेतहाशा खर्च की वजह से कंपनी का फ्री कैश फ्लो नेगेटिव में जा सकता है। जानकारों के मुताबिक, 2026 में $6.4 बिलियन और 2027 में $29.2 बिलियन का डेफिसिट (Deficit) देखने को मिल सकता है। अब बाजार इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या नए AI प्रोडक्ट्स से होने वाली कमाई इस भारी-भरकम निवेश की भरपाई कर पाएगी।
मार्केट में क्या है वैल्युएशन?
Meta का शेयर फिलहाल 21 के फॉरवर्ड अर्निंग मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो Nasdaq 100 इंडेक्स के एवरेज से काफी कम है। कंपनी अपना इकोसिस्टम मजबूत करने के लिए Maplebear (Instacart की पैरेंट कंपनी) और Expedia जैसी बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है।
हाल ही में JPMorgan ने शेयर पर अपनी रेटिंग को बढ़ाकर 'Overweight' किया है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि क्या AI प्रोडक्ट्स का यह मोमेंटम बरकरार रहेगा और कंपनी कैसे अपने इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते खर्च को मैनेज करती है।
