Meta ने अमेरिका में अपने Muse AI एजेंट के लिए रियल-टाइम वीडियो और वॉयस चैट फीचर पेश किए हैं। हालांकि, कंपनी के बढ़ते कैपिटल खर्च और कमजोर फाइनेंशियल आउटलुक को लेकर निवेशकों की चिंता के चलते स्टॉक में **5% से 7%** की गिरावट दर्ज की गई।
नई टेक्नोलॉजी और मार्केट का रुख
Meta Platforms ने अपने Muse AI एजेंट की क्षमता को बढ़ाते हुए अमेरिका में रियल-टाइम वीडियो और वॉयस चैट फीचर रोल-आउट किया है। इस अपडेट के जरिए अब AI कस्टमाइजेबल डिजिटल अवतार के रूप में इंसानी चेहरे के हाव-भाव और इशारों की नकल कर सकेगा। कंपनी इसे अपने आगामी AI ग्लासेस और नए वियरेबल डिवाइस 'Muse Charm' के लिए एक आधार के रूप में देख रही है।
क्यों टूट रहा है शेयर?
तकनीकी प्रगति के बावजूद, बाजार की प्रतिक्रिया निराशाजनक रही है। 5 नवंबर, 2026 को Meta का स्टॉक 5% से 7% तक गिर गया। निवेशकों का पूरा ध्यान कंपनी की नई लॉन्चिंग के बजाय उसके आक्रामक खर्च पर केंद्रित है।
फाइनेंशियल हेल्थ पर दबाव
कंपनी के Q3 2026 के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। Meta ने इस तिमाही में $2.12 बिलियन का फ्री कैश फ्लो घाटा दर्ज किया है। इतना ही नहीं, पूरे साल 2026 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर $135 बिलियन से $145 बिलियन के बीच रहने का अनुमान है। यह भारी खर्च डेटा सेंटर और AI कंप्यूटिंग पावर बढ़ाने के लिए किया जा रहा है, जिससे कैश पर दबाव बढ़ गया है।
रेटिंग एजेंसियों की चेतावनी
S&P Global Ratings ने कंपनी के आउटलुक को घटाकर 'नेगेटिव' कर दिया है। इसका मुख्य कारण कर्ज का उच्च स्तर और लीज ऑब्लिगेशन है। इसके अलावा, तीसरी तिमाही में $9.89 बिलियन का कानूनी सेटलमेंट चार्ज भी कंपनी के बॉटम लाइन पर भारी पड़ा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या Meta अपने इस भारी निवेश से भविष्य में मुनाफे को ट्रैक कर पाएगा या यह खर्च कंपनी के मार्जिन को और कमजोर करता रहेगा।
