Meta Share: भारत में धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों पर एक्शन, मेटा के मार्जिन पर बढ़ा दबाव

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Meta Share: भारत में धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों पर एक्शन, मेटा के मार्जिन पर बढ़ा दबाव

Meta Platforms ने भारत सरकार की सुरक्षा चेतावनी के बाद Facebook और Instagram से कई आपत्तिजनक विज्ञापनों को हटा दिया है। ये विज्ञापन बैंकिंग डेटा चुराने वाले ऐप्स इंस्टॉल करने के लिए यूज़र्स को बरगला रहे थे, जिससे कंपनी के रेगुलेटरी खर्च बढ़ने का खतरा है।

सुरक्षा अलर्ट के बाद एक्शन

भारत सरकार की ओर से सुरक्षा को लेकर मिली चेतावनी के बाद Meta ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसे विज्ञापनों को हटाना शुरू कर दिया है जो संदिग्ध वेबसाइट्स पर रीडायरेक्ट कर रहे थे। ये विज्ञापन भ्रामक तस्वीरों का इस्तेमाल कर यूज़र्स को ऐसे फर्जी ऐप्स डाउनलोड करने के लिए उकसाते थे, जो बैंक पासवर्ड और ओटीपी चुराने का काम करते थे।

रेगुलेटरी और फाइनेंशियल दबाव

भारत में साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच सरकार अब टेक कंपनियों पर कड़ी निगरानी रख रही है। साल 2025 में साइबर फ्रॉड से लगभग $2.4 बिलियन का नुकसान दर्ज किया गया है। मेटा के लिए चुनौती यह है कि उसे अपने ऑटोमेटेड विज्ञापन मॉडल के साथ स्थानीय सुरक्षा मानकों को संतुलित करना होगा, जिसके लिए कंटेंट मॉडरेशन और कंप्लायंस टीम पर भारी खर्च की जरूरत है।

निवेशकों की चिंता

निवेशक कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को लेकर सतर्क हैं। मेटा ने 2026 की दूसरी तिमाही में $60.8 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया था, जो पिछले साल के मुकाबले 28% अधिक था। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन 43% से घटकर 31% पर आ गया है। इसके अलावा, कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए $130 बिलियन से $145 बिलियन तक के भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर की योजना बना रही है। साथ ही, युवाओं पर प्लेटफॉर्म के असर को लेकर $18 बिलियन के कानूनी निपटारे का भार भी कंपनी की बैलेंस शीट पर है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.