Meta Privacy Trial: न्यू मेक्सिको में फंसी Meta, करोड़ों का जुर्माना भरने का है खतरा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Meta Privacy Trial: न्यू मेक्सिको में फंसी Meta, करोड़ों का जुर्माना भरने का है खतरा

Meta Platforms एक बड़े कानूनी संकट से जूझ रही है। न्यू मेक्सिको में चल रहे Cambridge Analytica डेटा स्कैंडल केस के कारण कंपनी पर अरबों डॉलर का जुर्माना लगने का खतरा मंडरा रहा है, जो निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

कानूनी शिकंजे में Meta

न्यू मेक्सिको में चल रहे इस हाई-प्रोफाइल ट्रायल की क्लोजिंग आर्गुमेंट्स खत्म हो चुकी हैं। राज्य का आरोप है कि कंपनी ने अपने विज्ञापन रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए यूजर्स की प्राइवेसी के साथ खिलवाड़ किया है। न्यू मेक्सिको एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने पहले हुए मल्टी-स्टेट समझौते को ठुकराकर खुद कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है।

क्या है पूरा मामला?

मुकदमे के केंद्र में यह आरोप है कि Meta ने पॉलिटिकल माइक्रो-टार्गेटिंग के लिए थर्ड-पार्टी ऐप्स को यूजर्स का डेटा एक्सेस करने से रोकने में नाकाम रही। अनुमान है कि करीब 3,50,000 लोगों का डेटा खतरे में पड़ा था। सरकारी वकील हर उल्लंघन पर $5,000 का अधिकतम सिविल जुर्माना मांग रहे हैं। अगर फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो यह पेनल्टी अरबों डॉलर तक पहुंच सकती है।

निवेशकों के लिए सबक

यह मामला याद दिलाता है कि भले ही कंपनी ने साल 2019 में U.S. Federal Trade Commission के साथ $5 बिलियन का समझौता किया हो, लेकिन पुरानी गलतियां अब भी कंपनी के फाइनेंशियल बैलेंस शीट पर भारी पड़ सकती हैं।

बचाव में कंपनी का तर्क

Meta की लीगल टीम का कहना है कि उन्होंने हाल के वर्षों में अपनी प्राइवेसी इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा प्रोटोकॉल को पूरी तरह से बदल दिया है। ट्रायल के दौरान CEO Mark Zuckerberg की वीडियो डिपोजिशन भी देखी गई, जिसमें उन्होंने कंटेंट मैनेजमेंट और अकाउंट हैंडलिंग की इंटरनल पॉलिसीज पर बात की। कंपनी का दावा है कि उन्होंने सुरक्षा कमियों को अब प्रो-एक्टिव तरीके से ठीक कर लिया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.