Meta Platforms ने अपने नए ऑडियो-ओनली स्मार्ट ग्लासेस पेश किए हैं, जिनमें कंपनी का Muse AI असिस्टेंट और कम कीमत वाली हियरिंग-असिस्ट टेक्नोलॉजी शामिल है। **$150** की आक्रामक कीमत के साथ कंपनी का लक्ष्य आम ग्राहकों को लुभाना है।
Meta ने अपने एनुअल 'Connect' इवेंट में हार्डवेयर स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब कैमरे वाले ग्लासेस के बजाय ऑडियो-ओनली डिवाइस पर शिफ्ट हो गई है, ताकि प्राइवेसी से जुड़ी चिंताओं को दूर किया जा सके। इसमें नया Muse AI एजेंट दिया गया है, जो वॉइस कमांड के जरिए डिजिटल टास्क को आसान बनाता है।
हेल्थ-टेक मार्केट पर फोकस
कंपनी ने इन ग्लासेस को एक किफायती 'हियरिंग एड' विकल्प के रूप में पेश किया है। परंपरागत हियरिंग एड्स काफी महंगे होते हैं, जबकि $150 की कीमत इसे एक मास-मार्केट प्रोडक्ट बनाती है। यह कदम बताता है कि Meta अब केवल AR फीचर्स के बजाय उपयोगिता-आधारित (utility-driven) हार्डवेयर पर जोर दे रही है।
Reality Labs के लिए बड़ी चुनौती
निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह प्रोडक्ट Reality Labs के घाटे को कम कर पाएगा। पिछले कुछ वर्षों में, मेटावर्स और वर्चुअल रियलिटी प्रोजेक्ट्स के कारण कंपनी को अरबों डॉलर का ऑपरेटिंग लॉस हुआ है। हालांकि एडवरटाइजिंग बिजनेस मजबूत है, लेकिन Reality Labs का खर्च निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
कॉम्पिटिशन और रिस्क
Meta को Apple और Google जैसी बड़ी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। वियरेबल टेक्नोलॉजी मार्केट में सफलता पाना चुनौतीपूर्ण रहा है, और यदि इन ग्लासेस को मास अडॉप्शन नहीं मिलता है या हेल्थ-टेक सेगमेंट में कोई रेगुलेटरी दिक्कत आती है, तो यह प्रोजेक्ट के लिए रिस्क हो सकता है। अब मार्केट को कंपनी के हार्डवेयर रेवेन्यू ग्रोथ पर नजर रखनी होगी।
