Meta का बड़ा दांव: यूरोपीय संघ के दबाव के आगे झुकी कंपनी, प्रतिद्वंद्वी AI को WhatsApp API का फ्री एक्सेस

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Meta का बड़ा दांव: यूरोपीय संघ के दबाव के आगे झुकी कंपनी, प्रतिद्वंद्वी AI को WhatsApp API का फ्री एक्सेस
Overview

Meta Platforms यूरोप में OpenAI जैसी प्रतिद्वंद्वी AI कंपनियों को WhatsApp बिज़नेस API का सीमित, फ्री एक्सेस देने की पेशकश कर रही है। यह कदम यूरोपीय संघ (EU) की कड़ी एंटीट्रस्ट जांच के जवाब में उठाया गया है, जिसका मकसद AI असिस्टेंट सेक्टर में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। शुरुआत में यह एक्सेस फ्री रहेगा, लेकिन एक तय सीमा के बाद Meta इसके लिए चार्ज करने की योजना बना रही है। हालांकि, छोटी कंपनियों ने इस प्रस्ताव पर संदेह जताया है।

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Meta का बड़ा कदम: AI प्रतिस्पर्धा पर नया दांव

Meta Platforms यूरोप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेवलपर्स, जैसे OpenAI, को अपनी WhatsApp बिज़नेस API का सीमित और मुफ्त एक्सेस देने की रणनीति अपना रही है।

EU के दबाव का असर

यह बड़ा कदम यूरोपीय आयोग (European Commission) द्वारा Meta के AI असिस्टेंट सेक्टर में बाजार की प्रथाओं पर बढ़ती जांच के जवाब में उठाया गया है। इस प्रस्ताव के तहत, प्रतिस्पर्धी कंपनियां एक निश्चित उपयोग सीमा तक WhatsApp API का मुफ्त में इस्तेमाल कर सकेंगी, जिसके बाद Meta शुल्क लागू करेगी। इस प्रस्ताव पर 18 मई तक प्रतिक्रिया मांगी गई थी।

बाजार में निष्पक्षता का सवाल

EU एक निष्पक्ष बाजार सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है, ताकि बड़ी टेक कंपनियां प्रतिस्पर्धा को दबा न सकें। हालांकि, यह प्रस्ताव सभी चिंताओं को दूर करने में सफल नहीं हुआ है। कैलिफोर्निया की छोटी AI फर्म The Interaction Company, जो Poke.com AI असिस्टेंट बनाती है, ने संदेह व्यक्त किया है कि यह प्रस्ताव "प्रतिस्पर्धा संबंधी चिंताओं को दूर करने से कोसों दूर है"। फ्रांसीसी स्टार्टअप Agentik ने भी योजना की आलोचना करते हुए कहा है कि Meta का अपना AI असिस्टेंट अधिक अनुकूल शर्तों पर काम करेगा, जिससे एक असमान खेल का मैदान तैयार होगा।

पिछली जांचें और भविष्य की राह

यह मामला तब और गरमाया जब अक्टूबर 2025 में Meta ने अपने नियम बदले और तीसरे पक्ष के AI प्रदाताओं को WhatsApp के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचने से रोक दिया, जिसे बाद में शुल्क के बदले फिर से एक्सेस दिया गया, जिसे EU ने प्रतिबंध के समान माना। यूरोपीय आयोग दिसंबर 2025 से Meta की नीतियों की जांच कर रहा है, और शुरुआती निष्कर्षों से EU एंटीट्रस्ट कानूनों के उल्लंघन का संकेत मिला है।

Meta का वित्तीय पक्ष

19 मई, 2026 तक, Meta Platforms (META) का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग $1.56 ट्रिलियन था और इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 22.22 था, जो इसके ऐतिहासिक औसत के करीब है। स्टॉक की 52-सप्ताह की रेंज $520.26 और $796.25 के बीच रही है, और वर्तमान में यह लगभग $602.61 पर ट्रेड कर रहा है। Meta का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम लगभग 1.37 करोड़ शेयर है। मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए कंपनी के नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 60.9% की महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई।

Meta पहले भी AI इंटीग्रेशन को लेकर जांच के दायरे में रही है। 2025 के अंत में, EU ने Meta की WhatsApp पर AI नीतियों के खिलाफ एक औपचारिक एंटीट्रस्ट जांच शुरू की थी, खासकर यह जांचने के लिए कि क्या AI प्रदाताओं को WhatsApp बिज़नेस सॉल्यूशन का उपयोग करने से रोकना तीसरे पक्ष की AI सेवाओं के लिए बाधाएं पैदा करता है। जांच EU प्रतिस्पर्धा नियमों के तहत एक प्रमुख स्थिति के दुरुपयोग की संभावना पर केंद्रित है।

Meta ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उपयोगकर्ता अभी भी अन्य चैनलों के माध्यम से प्रतिस्पर्धी AI सेवाओं तक पहुंच सकते हैं और इसके इंटीग्रेशन से बाजार में प्रवेश बाधित नहीं होता है। वर्तमान प्रस्ताव चल रही चर्चाओं और जांचों की सीधी प्रतिक्रिया है, जिसका उद्देश्य आगे की नियामक कार्रवाई से पहले समाधान खोजना है। यदि Meta एंटीट्रस्ट कानूनों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसे अपने वैश्विक वार्षिक टर्नओवर का 10% तक जुर्माना भरना पड़ सकता है।

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