टेक दिग्गज Meta (मेटा) में छंटनी का दौर अभी थमा नहीं है। हाल ही में कंपनी के एक **13 साल** पुराने टेक लीड, हेनरी चेन, को **मई 2026** में नौकरी से निकाल दिया गया। यह घटना कंपनी के **AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)** की ओर बढ़ते फोकस और उससे जुड़ी भारी लागतों को दर्शाती है।
AI की ओर झुकाव और लागत का बोझ
हेनरी चेन, जिन्होंने Meta में 13 साल बिताए थे, को 20 मई 2026 को नौकरी से निकाला गया। यह घटना कंपनी के भीतर चल रहे बड़े पुनर्गठन का एक उदाहरण है। Meta अब पूरी तरह से AI पर केंद्रित हो रही है, और इस बदलाव की वजह से कंपनी पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।
निवेशकों पर असर
Meta के निवेशकों के लिए, यह छंटनी और AI पर भारी खर्च कंपनी की लाभप्रदता (profitability) पर सीधा असर डाल रहा है। Q2 2026 में, कंपनी को छंटनी और पुनर्गठन के कारण $1.18 बिलियन का भारी भुगतान (severance costs) करना पड़ा। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू $60.8 बिलियन रहा, जो पिछले साल से 28% ज्यादा है, लेकिन ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर 31% रह गया, जो पिछले साल 43% था। इस गिरावट की मुख्य वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा भारी निवेश और $2.4 बिलियन के कानूनी सेटलमेंट जैसे एकमुश्त खर्चे हैं।
AI में भारी निवेश जारी
Meta का लक्ष्य 2026 में $130 बिलियन से $145 बिलियन तक का कैपिटल स्पेंडिंग (capital spending) करना है, जिसका एक बड़ा हिस्सा AI पर खर्च होगा। कंपनी 10 अगस्त 2026 को अपना नया 'Muse Glimmer' मॉडल भी लॉन्च कर चुकी है। हालांकि, इस भारी निवेश से कंपनी के फ्री कैश फ्लो पर दबाव पड़ रहा है। निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं कि यह निवेश कब बड़े मुनाफे में बदलेगा।
परिचालन और नियामक जोखिम
लगातार छंटनी और 'कम में ज्यादा करो' की मानसिकता के कारण कंपनी की अंदरूनी संस्कृति (internal culture) में भी अस्थिरता देखी जा रही है। इसके अलावा, कंपनी कई नियामक और कानूनी जांचों का भी सामना कर रही है, जिसमें युवाओं की सुरक्षा से जुड़े मुकदमे शामिल हैं। इन सब वजहों से कंपनी के भविष्य की वित्तीय तस्वीर थोड़ी अनिश्चित बनी हुई है। निवेशकों के लिए मुख्य चिंताएं ये हैं कि Meta मार्जिन को कैसे स्थिर कर पाएगी, AI से कमाई की क्या रणनीति है, और कानूनी खर्चों का लाभप्रदता पर क्या असर पड़ेगा।
