Meta ने अपने नए सब्सक्रिप्शन सर्विस 'Meta One' का ऐलान कर दिया है। इसके तहत क्रिएटर्स और बिजनेस को एडवांस AI टूल्स मिलेंगे। **$2.99** से लेकर **$499** तक के मंथली प्लान के जरिए कंपनी अपनी उस विज्ञापन कमाई को कम करने की कोशिश कर रही है, जिस पर फिलहाल उसका **95%** रेवेन्यू टिका है।
कमाई के मॉडल में बड़ा बदलाव
टेक्नोलॉजी दिग्गज Meta Platforms ने आधिकारिक तौर पर 'Meta One' नाम से अपना सब्सक्रिप्शन मॉडल पेश कर दिया है। यह सर्विस Facebook, Instagram और WhatsApp पर काम करेगी और इसमें 50 से ज्यादा एडवांस AI-बेस्ड फीचर्स मिलेंगे।
क्या है प्राइसिंग और टारगेट?
कंपनी ने अलग-अलग यूजर्स के लिए टियर-बेस्ड प्राइसिंग रखी है। इंडिविजुअल प्लान $2.99 प्रति माह से शुरू होकर बिजनेस और क्रिएटर्स के लिए $499 तक जाते हैं। टेस्टिंग के दौरान ही करीब 1.5 करोड़ यूजर्स ने इस सर्विस का इस्तेमाल किया है। Meta ने स्पष्ट किया है कि ऐप्स का बेसिक वर्जन फ्री रहेगा, लेकिन प्रीमियम टूल्स जैसे ऑटोमेटेड बिजनेस ऑपरेशन और कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन के लिए पैसे देने होंगे।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
अभी तक कंपनी का 95% से अधिक रेवेन्यू विज्ञापन से आता है, जो काफी रिस्की है। सब्सक्राइबर्स से होने वाली नियमित कमाई इस रिस्क को कम कर सकती है, लेकिन इसके सामने बड़ी चुनौतियां भी हैं। कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स और चिप्स पर भारी खर्च कर रही है। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह नई सब्सक्रिप्शन फीस उन विशाल निवेशों की भरपाई कर पाएगी।
रेगुलेटरी और मार्केट रिस्क
कंपनी के सामने यूरोपियन रेगुलेटर्स का दबाव भी है। 'डिजिटल मार्केट्स एक्ट' (Digital Markets Act) और डेटा प्राइवेसी से जुड़ी चिंताओं के कारण भविष्य में इस मॉडल को कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, अगर फ्री फीचर्स को अचानक से पेड किया गया, तो यूजर्स का विरोध देखने को मिल सकता है। आने वाली तिमाही के नतीजों में यह देखना दिलचस्प होगा कि एड रेवेन्यू की निर्भरता कम करने में यह कदम कितना कामयाब रहता है।
