Meta India Pivot: Instagram ने बदली रणनीति, AI-आधारित डिस्कवरी से बढ़ेगा रेवेन्यू

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Meta India Pivot: Instagram ने बदली रणनीति, AI-आधारित डिस्कवरी से बढ़ेगा रेवेन्यू

Instagram अब भारत में फॉलोअर-आधारित फीड की जगह पूरी तरह से AI-पावर्ड डिस्कवरी मॉडल पर शिफ्ट हो रहा है। Meta का मकसद ऐप पर बिताए जाने वाले समय को बढ़ाना और एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू को बूस्ट करना है।

बदल गया कंटेंट दिखाने का तरीका

Meta ने Instagram के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब कंटेंट केवल उन लोगों के पोस्ट पर निर्भर नहीं करेगा जिन्हें आप फॉलो करते हैं, बल्कि पूरी तरह से AI-ड्रिवन सिस्टम पर आधारित होगा। इस बदलाव का सीधा गणित यह है कि जितना ज्यादा वक्त यूजर ऐप पर बिताएगा, उतने ज्यादा एड्स (Ads) दिखाए जा सकेंगे, जो कि Meta के रेवेन्यू का मुख्य जरिया है।

छोटे शहरों के क्रिएटर्स को मिलेगा मौका

नया एल्गोरिथम 'सोशल ग्राफ' के बजाय कंटेंट की रिलेवेंस और वाच-टाइम (Watch Time) को प्राथमिकता दे रहा है। इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों के छोटे क्रिएटर्स को भी बड़ी ऑडियंस तक पहुंचने का मौका मिलेगा। कंपनी इसके साथ ही AI टूल्स भी ला रही है, जिससे स्मॉल बिजनेस और क्रिएटर्स के लिए ऑटोमेटेड मैसेजिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट आसान हो जाएगा।

चुनौतियां और रिस्क फैक्टर

हालांकि, यह राह आसान नहीं है। सबसे बड़ी चिंता DPDP Act (डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट) की है। यूजर के डेटा का इस्तेमाल करके एल्गोरिदम चलाने पर रेगुलेटरी नियमों का सख्त पहरा है। इसके अलावा, डिजिटल विज्ञापन की रेस में Alphabet (YouTube) जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर बनी हुई है। निवेशकों को आने वाली तिमाही के नतीजों में 'टाइम-स्पेंट' (Time-spent) और एड रेवेन्यू ग्रोथ के आंकड़ों पर नजर रखनी होगी, जिससे पता चलेगा कि यह दांव कंपनी के लिए कितना कारगर साबित हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.