न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने Meta को यूजर्स को गुमराह करने के आरोप में **$25 अरब** का भारी जुर्माना भरने का आदेश दिया है। यह मामला 'Cambridge Analytica' स्कैंडल से जुड़ा है। हालांकि, निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कंपनी इसके खिलाफ अपील करेगी और कानूनी लड़ाई लंबी चलने की उम्मीद है।
कानूनी शिकंजे में Meta
टेक्नोलॉजी दिग्गज Meta Platforms एक बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गई है। न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने कंपनी पर $25 अरब का जुर्माना लगाया है। जज फ्रांसिस मैथ्यू ने यह फैसला सुनाया है, जो जूरी के उस निष्कर्ष के बाद आया है जिसमें पाया गया कि कंपनी ने अपने डेटा प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर यूजर्स को गलत जानकारी दी थी। यह फैसला 2016 के चर्चित 'Cambridge Analytica' विवाद का एक बड़ा परिणाम है।
क्यों लगाया गया जुर्माना?
कोर्ट ने पाया कि Meta ने राज्य के कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानूनों का 4.3 करोड़ से ज्यादा बार उल्लंघन किया है। यह जुर्माना उन न्यू मैक्सिको निवासियों की संख्या के आधार पर तय किया गया है, जिन्हें डेटा कलेक्शन के बारे में गुमराह किया गया था। बता दें कि कानूनन यह जुर्माना $219 अरब तक पहुंच सकता था, लेकिन अदालत ने इसे $25 अरब पर सीमित कर दिया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
फिलहाल कंपनी के फाइनेंशियल बैलेंस शीट पर इसका तुरंत कोई असर नहीं पड़ने वाला है। लगभग $2 ट्रिलियन की मार्केट कैप वाली Meta ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी। अमेरिकी न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार, ऐसे बड़े मामलों में सुनवाई और रिव्यू में कई साल लग सकते हैं।
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में भी Meta पर न्यू मैक्सिको में ही $37.5 करोड़ का जुर्माना लगा था, जो माइनर यूजर्स की सुरक्षा से जुड़ा था। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या यह फैसला अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कानूनी कार्रवाई को बढ़ावा देगा। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी यह देखना होगा कि कानूनी रणनीति और सेटलमेंट की दिशा आगे क्या मोड़ लेती है।
