फ्लोरिडा के अटॉर्नी जनरल ने Meta Platforms के खिलाफ एक अस्थायी निषेधाज्ञा (temporary injunction) दायर की है, जिसमें किशोरों के लिए सख्त नियम और फीचर्स पर रोक की मांग की गई है।
नई कानूनी मुसीबत
Meta Platforms अब फ्लोरिडा में एक नई कानूनी जंग का सामना कर रही है। राज्य के अटॉर्नी जनरल, James Uthmeier ने Pasco County कोर्ट में याचिका दायर कर कंपनी पर सख्त नियंत्रण लागू करने की मांग की है। इसमें किशोरों के लिए रोजाना 2 घंटे का समय तय करने, 14 साल से कम उम्र के यूजर्स को हटाने और 'इन्फिनिट स्क्रॉल' (infinite scrolling) व 'ऑटोप्ले' (autoplay) जैसे फीचर्स को बंद करने की मांग शामिल है।
पिछले समझौते से अलग क्यों है मामला?
अगस्त 2026 में Meta ने $18 बिलियन के एक बड़े सेटलमेंट के जरिए 47 अमेरिकी राज्यों के साथ विवाद सुलझा लिया था। लेकिन फ्लोरिडा उस समझौते से बाहर रहा। अब वह राज्य अपनी अलग कानूनी लड़ाई जारी रखते हुए उन शर्तों से कहीं ज्यादा सख्त बदलाव की मांग कर रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Investor Alert)
बाजार के जानकारों की चिंता इस बात पर है कि अगर कोर्ट ने यह निषेधाज्ञा मंजूर की, तो Meta के लिए एक 'फ्रैक्चर्ड रेगुलेटरी लैंडस्केप' बन जाएगा। इसका मतलब है कि कंपनी को राज्य-दर-राज्य अलग-अलग नियम मानने पड़ेंगे, जो उसके प्रोडक्ट डेवलपमेंट और यूजर एंगेजमेंट स्ट्रैटेजी को जटिल बना सकते हैं।
Meta ने इस कदम को सार्वजनिक संसाधनों की बर्बादी बताते हुए कहा है कि वह पहले से ही परिवारों के लिए सुरक्षा उपकरण मुहैया करा रही है। कंपनी का इशारा TikTok और YouTube जैसे प्रतिस्पर्धियों की ओर भी है, जिससे यह साफ है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया इंडस्ट्री पर रेगुलेटर्स की नजरें और कड़ी होने वाली हैं।
