Meta Platforms अपने Muse AI एजेंट को Shopify और Stripe जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ रहा है। इस कदम का मकसद सब्सक्रिप्शन से कमाई का नया जरिया बनाना है, ताकि कंपनी विज्ञापन (Ad) आय पर अपनी निर्भरता कम कर सके।
बिजनेस ऑपरेशंस में Meta की नई एंट्री
Meta Platforms अब अपने Muse AI असिस्टेंट को सिर्फ कंज्यूमर ऐप्स तक सीमित नहीं रख रहा है। कंपनी ने Shopify, Stripe, Canva और QuickBooks जैसे जरूरी बिजनेस सॉफ्टवेयर के साथ इसके गहरे इंटीग्रेशन का ऐलान किया है। इस बदलाव का लक्ष्य छोटे कारोबारियों के लिए Muse को एक प्राइमरी ऑपरेशनल टूल बनाना है, जिससे वे अपने स्टोरफ्रंट और फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स को एक ही इंटरफेस से मैनेज कर सकें।
रेवेन्यू का नया मॉडल
ऐतिहासिक रूप से Meta की कमाई का बड़ा हिस्सा डिजिटल विज्ञापन से आता है। अब कंपनी इसे डायवर्सिफाई करना चाहती है। 'सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस' (SaaS) मॉडल के जरिए कंपनी रिकरिंग सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू जुटाने की कोशिश कर रही है, ताकि विज्ञापन बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर कम हो सके।
सुरक्षा और फीचर्स
यह नया टूल Asana, Slack, Zoom, Notion और Dropbox जैसे प्रोडक्टिविटी टूल्स के साथ भी काम करेगा। मेटा ने स्पष्ट किया है कि यह AI अपने आप कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं करेगा, बल्कि हर कदम पर यूजर की मंजूरी जरूरी होगी। इसे लेकर प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर भरोसा जगाने की कोशिश की गई है।
मार्केट में चुनौती
North America में पहले 2 हफ्तों में Muse ने 2.8 मिलियन डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि, इसे Microsoft के Copilot और Salesforce के Einstein जैसे दिग्गज प्लेयर्स से कड़ी टक्कर मिल रही है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या Meta अपने सोशल मीडिया वाले अनुभव को बिजनेस प्रोडक्टिविटी हब में सफलतापूर्वक बदल पाएगा या नहीं।
