Meta के इंजीनियरिंग लीडर Balaji Gururajan, 18 साल अमेरिका में बिताने के बाद अब भारत लौट आए हैं। उन्होंने अपने परिवार के साथ समय बिताने को प्राथमिकता दी है। भारत आने के साथ ही उन्होंने 'Bhavitta' नाम का एक नया फाइनेंशियल टूल भी लॉन्च किया है, जो प्रोफेशनल्स को दूसरे देशों के साथ जुड़े जटिल फाइनेंस और टैक्स प्लानिंग में मदद करेगा।
18 साल बाद भारत लौटे Meta के लीडर Balaji Gururajan
Meta में सीनियर इंजीनियरिंग लीडर Balaji Gururajan ने हाल ही में बेंगलुरु लौटने की घोषणा की है। वे 18 साल से अमेरिका में अपना करियर बना रहे थे। उन्होंने अपने बूढ़े हो रहे माता-पिता के करीब रहने और अपने बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए यह फैसला लिया है। Meta में आने से पहले, Gururajan ने Microsoft और LinkedIn जैसी बड़ी टेक कंपनियों में इंजीनियरिंग और लीडरशिप की भूमिकाएं निभाई हैं।
क्रॉस-बॉर्डर फाइनेंस के लिए खास टूल 'Bhavitta'
बेंगलुरु में बसने के साथ ही Gururajan ने 'Bhavitta' नाम का एक नया फाइनेंशियल ऐप डेवलप किया और लॉन्च किया है। Anthropic के AI मॉडल, Claude का उपयोग करके बनाया गया यह टूल उन लोगों की खास फाइनेंशियल दिक्कतों को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो कई देशों में रहते और काम करते हैं। यह ऐप यूजर्स को एसेट्स, अलग-अलग करेंसियों और जटिल अंतरराष्ट्रीय टैक्स सिस्टम को मैनेज करने में मदद करता है। ग्लोबल करियर वाले प्रोफेशनल्स के लिए, ऐसे टूल अक्सर विदेशी रिटायरमेंट अकाउंट्स और लोकल इन्वेस्टमेंट की जरूरतों के बीच की खाई को पाटने का काम करते हैं।
करियर में बदलाव और ग्लोबल ट्रेंड
Gururajan का यह कदम ग्लोबल टेक सेक्टर में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स के बीच एक बड़े ट्रेंड को दर्शाता है। ये लोग अब अपने पर्सनल लाइफ के महत्वपूर्ण पलों को अपने इंटरनेशनल करियर के मुकाबले तौल रहे हैं। अमेरिका के टेक हब, बे एरिया को छोड़ने का उनका फैसला उनके प्रोफेशनल सफर में एक बड़ा बदलाव है। हालांकि उन्होंने विदेश में बिताए दो दशकों के दौरान मिले मेंटरशिप और ग्रोथ के अवसरों के लिए आभार व्यक्त किया, लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि बेंगलुरु में जीवन को फिर से स्थापित करना—जैसे स्कूल ढूंढना और घर के लॉजिस्टिक्स को मैनेज करना—एक जटिल, लंबा प्रोजेक्ट रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
मार्केट के नजरिए से, Bhavitta जैसे खास फिनटेक टूल का उदय उन नॉन-रेजिडेंट इंडियंस (NRIs) और ग्लोबली एक्टिव प्रोफेशनल्स के लिए विशेष सॉफ्टवेयर की बढ़ती मांग को दिखाता है, जिनकी समस्याओं को ये टूल हल करते हैं। जैसे-जैसे अधिक हाई-लेवल टैलेंट भारत लौट रहा है, ऐसे प्लेटफॉर्म्स की स्पष्ट मांग है जो क्रॉस-बॉर्डर वेल्थ मैनेजमेंट को आसान बना सकें। ऐतिहासिक रूप से, इसमें मुश्किल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और करेंसी के उतार-चढ़ाव से निपटना शामिल रहा है। ऐसे टूल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे विभिन्न देशों के लिए कितने सटीक और अनुपालन वाले फाइनेंशियल प्लानिंग की पेशकश कर पाते हैं, साथ ही उन प्रोफेशनल्स के बीच इनकी स्वीकार्यता कितनी बढ़ती है जिन्हें इन विशेष क्रॉस-बॉर्डर सेवाओं की आवश्यकता है।
