Meta ने अपने वेब डेटा से जुड़े बिजनेस नियमों को **20 नवंबर, 2026** तक टाल दिया है। रेगुलेटरी दबाव और कानूनी मुश्किलों के बीच, S&P Global Ratings ने कंपनी के एग्रेसिव AI खर्च और **$20 बिलियन** के कर्ज प्लान को देखते हुए आउटलुक को 'नेगेटिव' कर दिया है।
नियमों में बदलाव पर ब्रेक
Meta ने अपनी उन नई कमर्शियल शर्तों को फिलहाल रोक दिया है, जो 30 अक्टूबर, 2026 से लागू होनी थीं। अब इन्हें 20 नवंबर, 2026 तक टाल दिया गया है। कंपनी का कहना है कि उसे इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स के साथ और बातचीत करने की जरूरत है। दरअसल, कंपनी के उस प्रस्ताव का मीडिया घरानों और एंटीट्रस्ट रेगुलेटर्स ने भारी विरोध किया था, जिसके तहत Meta को ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर के जरिए बिजनेस वेब डोमेन को क्रॉल और इंडेक्स करने की व्यापक शक्ति मिल रही थी।
कानूनी और रेगुलेटरी घेरा
इस देरी की मुख्य वजह नॉर्वे की अदालत द्वारा 28 अक्टूबर को दिया गया अस्थाई इंजेक्शन (Injunction) है, जिसमें स्थानीय मीडिया समूहों के पक्ष में फैसला सुनाया गया था। इसके तुरंत बाद, UK की कॉम्पिटिशन एंड मार्केट्स अथॉरिटी (CMA) ने 30 अक्टूबर को औपचारिक जांच शुरू कर दी। हालांकि Meta ने अपनी डॉक्यूमेंटेशन से AI ट्रेनिंग से जुड़ी स्पष्ट भाषा हटा दी है, फिर भी आलोचकों का मानना है कि नई शर्तें अभी भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को बिना उचित लाइसेंस या मुआवजे के इस्तेमाल करने की गुंजाइश रखती हैं।
फाइनेंशियल तनाव और S&P की चेतावनी
रेगुलेटरी मसलों के अलावा, कंपनी के फाइनेंशियल्स भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। 30 अक्टूबर, 2026 को S&P Global Ratings ने Meta के आउटलुक को 'स्टेबल' से घटाकर 'नेगेटिव' कर दिया है। रेटिंग एजेंसी को कंपनी के एग्रेसिव AI इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और $20 बिलियन का नया कर्ज जुटाने की योजना पर आपत्ति है।
निवेशकों के लिए चुनौती यह है कि AI के इस 'हाई-ग्रोथ' निवेश चक्र और कानूनी लड़ाइयों के कारण कंपनी के फ्री ऑपरेटिंग कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है। अब बाजार की नजर 20 नवंबर की डेडलाइन और आगामी कर्ज जारी करने की प्रक्रिया पर टिकी है।
