Meta ने स्वीकार किया है कि उसका नया AI असिस्टेंट Muse, ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट OpenClaw के आर्किटेक्चर पर आधारित है। ऐप ने तेजी से U.S. App Store पर टॉप जगह तो बना ली है, लेकिन इस रणनीति से कंपनी की लॉन्ग-टर्म साख और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी विवादों पर सवाल उठने लगे हैं।
तकनीक की नकल या नई रणनीति?
Meta Platforms ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उसके AI असिस्टेंट Muse ने काफी हद तक OpenClaw प्रोजेक्ट के कॉन्फ़िगरेशन लेआउट्स को अपनाया है। यूजर्स ने हाल ही में शिकायत की थी कि दोनों प्लेटफॉर्म्स की फाइल स्ट्रक्चर और 'SOUL.md' जैसी फाइल्स में नाम तक एक जैसे हैं, जो AI की पर्सनैलिटी तय करती हैं।
तेजी बनाम जोखिम
Meta का कहना है कि उन्होंने तकनीकी बाधाओं को कम करने के लिए इस आर्किटेक्चर को चुना। कंपनी का मुख्य लक्ष्य कम समय में करोड़ों यूजर्स तक पहुँचना है। डेटा बताता है कि Muse की एडॉप्शन रेट OpenAI के ChatGPT से भी तेज है और यह फिलहाल U.S. App Store पर नंबर वन बनी हुई है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
भले ही Muse ने कम समय में बड़ी सफलता हासिल की हो, लेकिन निवेशकों के लिए कुछ बड़े जोखिम अब भी बने हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के 'शॉर्टकट' से इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी विवाद हो सकते हैं और भविष्य में रेगुलेटरी जांच का सामना भी करना पड़ सकता है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या यह ऐप अपनी शुरुआती हाइप के बाद भी यूजर्स को जोड़े रख पाएगी या इसे अपनी अलग पहचान बनाने के लिए मूल फीचर्स पर शिफ्ट होना पड़ेगा।
