Meta: अब भारत में सीधे पुलिस को रिपोर्ट होगा बाल शोषण का कंटेंट, बढ़ा नियामक दबाव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Meta: अब भारत में सीधे पुलिस को रिपोर्ट होगा बाल शोषण का कंटेंट, बढ़ा नियामक दबाव

Meta Platforms ने अब भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपने प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) की सीधे जानकारी देने का फैसला किया है। यह कदम भारत सरकार के कड़े रुख और Instagram विज्ञापनों में आपत्तिजनक सामग्री पाए जाने के बाद उठाया गया है।

बड़ा बदलाव, कड़ा रुख

Meta ने अपनी सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़ा बदलाव करते हुए अब भारत में सीधे स्थानीय पुलिस को रिपोर्ट करने का निर्णय लिया है। पहले कंपनी ऐसे मामलों को मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संगठनों को ही रिपोर्ट करती थी। यह बदलाव सरकार के साथ हुई लंबी बातचीत का नतीजा है।

क्यों दबाव में थी कंपनी?

यह कदम National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR) द्वारा शुरू की गई पूछताछ के बाद आया है। दरअसल, Instagram पर चल रहे पेड विज्ञापनों के जरिए आपत्तिजनक कंटेंट तक पहुंच बनाए जाने की खबरें सामने आई थीं। Ministry of Electronics and Information Technology ने भी स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अब सुरक्षा मानकों पर कड़ाई से अमल करना होगा।

ऑपरेशन्स और रिस्क पर असर

निवेशकों के नजरिए से देखें तो यह घटना भारत में काम कर रही बड़ी टेक कंपनियों के लिए बढ़ते रेगुलेटरी दबाव को दर्शाती है। कंपनी के Q2 2026 के नतीजों में पहले ही भारी भरकम कानूनी खर्च (Legal charges) देखे गए थे, जो यह साबित करते हैं कि अनुपालन (Compliance) अब ऑपरेशन्स का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि कंपनी इन सुरक्षा मानकों को पूरा करने में विफल रहती है, तो भारी जुर्माना या सर्विस पर प्रतिबंध जैसे रिस्क बने हुए हैं।

आगे क्या होगा?

अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि Meta इन रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल्स को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती है। सरकार इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को सुरक्षित बनाने की दिशा में केवल एक शुरुआती कदम मान रही है, जिससे आने वाली तिमाहियों में और अधिक कड़े नियमों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.