Meta Platforms ने अपने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को तेज करने के लिए AI स्टार्टअप Conductor को खरीद लिया है। हालांकि, कंपनी का बढ़ता भारी-भरकम खर्च निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
Meta की नई रणनीति
Meta Platforms ने मल्टी-एजेंट सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में माहिर AI स्टार्टअप Conductor का अधिग्रहण कर लिया है। इस डील का मुख्य मकसद Conductor की तकनीक और उनकी इंजीनियरिंग टीम को सीधे Meta की 'सुपरइंटेलिजेंस लैब्स' में शामिल करना है। यह कदम Meta के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें कंपनी सोशल मीडिया कंपनी से आगे बढ़कर खुद को एक AI-फर्स्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पावरहाउस बनाना चाहती है।
इस इंटीग्रेशन के तहत, Conductor की पब्लिक क्लाउड सेवाएं 20 नवंबर, 2026 से हमेशा के लिए बंद कर दी जाएंगी।
बढ़ते खर्च का दबाव
कंपनी ने तीसरी तिमाही में $64.6 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 26% ज्यादा है। लेकिन, इस शानदार ग्रोथ के बावजूद निवेशकों की नजर कंपनी के बढ़ते खर्चों पर है। Meta ने साल 2026 के लिए $135 बिलियन से $145 बिलियन तक के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) का अनुमान जारी किया है।
इसके अलावा, तीसरी तिमाही में कंपनी को कानूनी सेटलमेंट के कारण $9.89 बिलियन का भारी-भरकम भुगतान करना पड़ा है। इन खर्चों के चलते कंपनी का फ्री कैश फ्लो और प्रॉफिट मार्जिन दबाव में दिख रहा है।
रिस्क और चुनौतियां
Meta न केवल AI की दौड़ में Anthropic और OpenAI जैसे दिग्गजों से मुकाबला कर रही है, बल्कि उसे नियामक जांच और एंटीट्रस्ट मुकदमों का भी सामना करना पड़ रहा है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह देखना है कि क्या कंपनी का यह भारी निवेश भविष्य में बेहतर एफिशिएंसी में बदलेगा या बैलेंस शीट पर दबाव बरकरार रहेगा।
