Meesho Share Price: ₹54,000 करोड़ के शेयरों की लॉटरी खुलेगी, Meesho में मचेगी हलचल!

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Meesho Share Price: ₹54,000 करोड़ के शेयरों की लॉटरी खुलेगी, Meesho में मचेगी हलचल!
Overview

Meesho के शेयरों पर अगले हफ्ते दबाव देखने को मिल सकता है। कंपनी के **68%** प्री-आईपीओ शेयर, जिनकी कीमत करीब **₹54,000 करोड़** है, 9 जून, 2026 को ट्रेडिंग के लिए खुलेंगे। इससे शुरुआती चरण के वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी निवेशकों द्वारा बड़ी बिकवाली का डर सता रहा है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

सप्लाई का बढ़ता खतरा

Meesho को लेकर मार्केट सेंटिमेंट इसलिए खराब हो रहा है क्योंकि 9 जून, 2026 को प्री-आईपीओ शेयरधारकों के लिए लॉक-इन पीरियड खत्म हो रहा है। डेटा के मुताबिक, कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 68% हिस्सा, जो मौजूदा वैल्यूएशन पर करीब ₹54,000 करोड़ का है, 10 जून को ट्रेड करने के लिए उपलब्ध हो जाएगा। यह सेकेंडरी मार्केट में अचानक बड़ी लिक्विडिटी का फ्लो लाएगा, जैसा कि पहले भी कई बड़ी टेक लिस्टिंग में देखा गया है, जहां शुरुआती निवेशकों ने सालों तक पोजीशन होल्ड करने के बाद मुनाफा बुक करने की कोशिश की।

यह सप्लाई की अधिकता इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि यह प्लेटफॉर्म अभी भी लॉस-मेकिंग (Loss-making) है, भले ही ऑपरेशनल सुधार हुए हों। इससे स्टॉक में बड़ी मुनाफावसूली (Profit-taking) की संभावना बढ़ जाती है।

वैल्यूएशन और पीयर बेंचमार्किंग

मार्केट जहां सप्लाई-साइड के इस रिस्क पर रिएक्ट कर रहा है, वहीं कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। लगभग 6x EV/Revenue पर ट्रेड कर रहा Meesho, कई बड़े इंटरनेट और ई-कॉमर्स पीयर्स (Peers) से महंगा है। ब्रोकरेज एनालिसिस (Brokerage analysis) से पता चलता है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 तक ब्रेक-ईवन (Breakeven) टारगेट को लेकर जो उम्मीदें हैं, वे पहले से ही स्टॉक प्राइस में शामिल हो चुकी हैं।

ज्यादा डाइवर्सिफाइड रिटेल कांग्लोमेरेट्स (Retail conglomerates) के विपरीत, Meesho का कम-ASP कैटेगरी पर निर्भर रहना और एडवरटाइजिंग मोनेटाइजेशन (Advertising monetization) को बढ़ाने में लगातार संघर्ष, इसके लिए जोखिम का मार्जिन कम करता है। स्टॉक का प्रदर्शन भी अस्थिर रहा है, जिसमें तेज उछाल के बाद इंस्टिट्यूशनल बिकवाली देखी गई है, जो लगातार प्रॉफिटेबिलिटी के रास्ते पर मार्केट के कमजोर भरोसे को दर्शाता है।

बियरिश सेंटीमेंट के पीछे के कारण

लॉक-इन एक्सपायरी की टाइमिंग के अलावा, बियरिश (Bearish) सेंटीमेंट कंपनी की फाइनेंशियल प्रोफाइल में भी जड़ें जमाए हुए है। हालिया फाइलिंग के अनुसार, कंपनी ने सैकड़ों करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated net losses) रिपोर्ट किया है। हालांकि यह लॉस कम हो रहा है, लेकिन बढ़ती ऑपरेशनल लागतों के सामने जीरो-कमीशन, एसेट-लाइट मॉडल की स्थिरता को लेकर विश्लेषकों में मतभेद है।

इसके अलावा, कंपनी वैल्यू-कॉमर्स सेगमेंट में बेहतर पूंजीकृत प्रतिद्वंद्वियों (Competitors) से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है। मैनेजमेंट टीम की क्षमता, सार्वजनिक बाजार की परिपक्वता की ओर बढ़ते हुए शुरुआती वेंचर बैकर (Venture backers) के तीव्र दबाव को नेविगेट करने की, जो शायद लॉन्ग-टर्म होल्डिंग पर एग्जिट लिक्विडिटी (Exit liquidity) को प्राथमिकता देते हों, यह एक स्ट्रक्चरल कमजोरी है जिससे प्राइस में लंबे समय तक ठहराव आ सकता है।

भविष्य का दृष्टिकोण

आगे देखते हुए, 9 जून के इवेंट के आसपास अपेक्षित अस्थिरता संभवतः इस तिमाही के बाकी समय के लिए स्टॉक की चाल को परिभाषित करेगी। भले ही Choice Institutional Equities जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने लॉन्ग-टर्म टारगेट के साथ 'Add' रेटिंग बनाए रखी है, लेकिन ये लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी (Logistics efficiencies) और एडवरटाइजिंग रेवेन्यू की सफल स्केलिंग पर बहुत अधिक निर्भर हैं। पार्टिसिपेंट्स के लिए तत्काल फोकस प्राइवेट इक्विटी होल्डर्स (Private equity holders) द्वारा बेचे जाने वाले शेयरों की मात्रा होगी, जो भारत में व्यापक न्यू-एज टेक स्पेस के प्रति इंस्टीट्यूशनल सेंटिमेंट के लिए एक बैरोमीटर का काम करेगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.