Meesho का AI 'Chorus' बना सेलर्स का बिजनेस असिस्टेंट, छोटे शहरों के व्यापारियों को मिलेगी मदद

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Meesho का AI 'Chorus' बना सेलर्स का बिजनेस असिस्टेंट, छोटे शहरों के व्यापारियों को मिलेगी मदद

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho अपने AI सिस्टम 'Chorus' को सेलर्स के लिए एक बिज़नेस असिस्टेंट के तौर पर लॉन्च कर रहा है। यह लाखों सेलर्स को प्राइसिंग, प्रोडक्ट कैटलॉग और विज्ञापन मैनेज करने में मदद करेगा, खास तौर पर छोटे शहरों के उद्यमियों के लिए डिजिटल कॉमर्स को आसान बनाएगा।

Detailed Coverage

Meesho के सेलर्स को अब AI का सहारा

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho अपने अंदरूनी AI प्लेटफॉर्म, Chorus, को ग्राहक सेवा टूल से आगे बढ़ाकर अपने व्यापारियों के लिए एक पूरा बिज़नेस असिस्टेंट बनाने जा रही है। यह कदम कंपनी की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत छोटे और कस्बाई इलाकों के उद्यमियों के लिए ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करना आसान बनाया जा सके। AI की मदद से Meesho सेलर्स को ऑनलाइन रिटेल की जटिलताओं को समझने और उन्हें मैनेज करने में सहायता करेगा, भले ही उनके पास ज़्यादा टेक्निकल जानकारी न हो।

AI से मिलेगी बिज़नेस में मदद

इस नई पहल के तहत, Chorus सेलर्स के लिए एक सलाहकार की तरह काम करेगा। इसे बिज़नेस के ज़रूरी पहलुओं पर सही सलाह देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जैसे कि -

  • सही और कंपीटिटिव प्राइसिंग तय करना
  • प्रोडक्ट कैटलॉग को बेहतर बनाना
  • डिजिटल विज्ञापनों को मैनेज करना

भले ही AI रणनीति सुझाएगा, लेकिन अंतिम फैसला हमेशा व्यापारी का ही होगा। इसका मकसद नए ऑनलाइन सेलर्स के लिए काम को आसान बनाना और प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट लॉन्च करने में लगने वाले समय को कम करना है।

स्केल और टेक्नोलॉजी की पकड़

Chorus अपने मौजूदा रूप में ही काफी बड़ा साबित हुआ है। Meesho के मुताबिक, यह AI सिस्टम हर साल 8.4 करोड़ से ज़्यादा ग्राहक इंटरैक्शन को संभालता है, जिसमें से 60% से ज़्यादा सवालों का जवाब अपने आप दे दिया जाता है। पिछले साल, इस AI ने लगभग 3 लाख सेलर्स की मदद की है, जैसे कि कैटलॉग बनाने और प्रमोशन मैनेज करने में। इंजीनियरिंग टीम इस बात पर खास ध्यान दे रही है कि ये फीचर्स कमज़ोर स्मार्टफोन्स पर भी आसानी से चलें और कम इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले इलाकों में भी ठीक से काम करें, जो टियर-II और टियर-III शहरों के यूजर्स के लिए बहुत ज़रूरी है।

मल्टी-लिंगुअल और इमोशनल AI पर फोकस

यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए, Meesho अब और गहरी भाषा क्षमताओं में भी निवेश कर रहा है। Chorus फिलहाल कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और इसमें इंटेंट डिटेक्शन की एक्यूरेसी 96% बताई गई है। कंपनी अब मॉडल को अलग-अलग क्षेत्रीय बोलियों और लहजों को पहचानने के लिए ट्रेन कर रही है। इसके अलावा, सिस्टम को इमोशनल संकेतों को पहचानने के लिए भी बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि AI जटिल ग्राहक इंटरैक्शन के दौरान ज़्यादा सहानुभूति से जवाब दे सके। टेक्नोलॉजी को लोकल बनाने पर यह ज़ोर कंपनी का उन सेलर्स और खरीदारों के बीच की दूरी को पाटने का फोकस दिखाता है जो अंग्रेज़ी नहीं बोलते।

निवेशकों और बाज़ार पर नज़र रखने वालों के लिए, इस डेवलपमेंट का अगला चरण यह देखना होगा कि ये AI टूल्स सेलर रिटेंशन और प्लेटफॉर्म की प्रोडक्टिविटी को कैसे प्रभावित करते हैं। चूंकि Meesho एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए वह इन टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स से होने वाले अपने वित्तीय रिटर्न का सीधा खुलासा नहीं करती है। हालांकि, कंपनी ने यह साफ किया है कि फिलहाल Chorus को कमर्शियलाइज़ करने या ओपन-सोर्स करने की कोई योजना नहीं है, ताकि अपने इकोसिस्टम के भीतर बिज़नेस एडवांटेज बनाए रखा जा सके। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये टूल्स कंपनी के बढ़ते मर्चेंट नेटवर्क की औसत आउटपुट और सफलता दर को सफलतापूर्वक बढ़ा पाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.