Meesho FY26 Results: भारी खर्च से घटी कमाई, निवेशकों को बढ़ी चिंता!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Meesho FY26 Results: भारी खर्च से घटी कमाई, निवेशकों को बढ़ी चिंता!

Meesho ने लिस्टिंग के बाद अपनी पहली एनुअल रिपोर्ट पेश की है। कंपनी ने यूज़र बेस बढ़ाने और AI टेक्नोलॉजी पर भारी खर्च करने की रणनीति अपनाई है। हालांकि, इससे रेवेन्यू में **34.5%** की बढ़ोतरी हुई, लेकिन फ्री कैश फ्लो नेगेटिव हो गया और मार्जिन घट गए।

FY26 में Meesho की रणनीति का असर

लिस्टिंग के बाद अपनी पहली एनुअल रिपोर्ट में, Meesho ने साफ कर दिया है कि वे तत्काल मुनाफे की जगह लंबे समय के यूज़र ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कंपनी ने FY26 में कंज्यूमर एक्विजिशन, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग टैलेंट पर जानबूझकर ज़्यादा खर्च किया। इस आक्रामक रणनीति से कंपनी का यूजर बेस तो बढ़ा, लेकिन फाइनेंशियल मेट्रिक्स पर इसका बुरा असर पड़ा।

रेवेन्यू बढ़ा, पर कैश फ्लो घटा

रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में Meesho के एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स 33% बढ़कर 264 मिलियन हो गए, जबकि ऑर्डर्स 45.5% बढ़कर 2.67 बिलियन तक पहुंच गए। इससे रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 34.5% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹12,626 करोड़ तक पहुंच गया। लेकिन, इस ग्रोथ की कीमत चुकानी पड़ी। कंपनी का फ्री कैश फ्लो पिछले साल के ₹591 करोड़ के पॉजिटिव से घटकर नेगेटिव हो गया। साथ ही, कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन, जो सेल्स पर मुनाफे को मापने का एक अहम पैमाना है, 4.9% से घटकर 3.5% रह गया।

मैनेजमेंट का क्या है कहना?

CEO विदित अत्रेय (Vidit Aatrey) ने इन खर्चों को भारत के बड़े ऑनलाइन रिटेल सेक्टर में ज़रूरी इन्वेस्टमेंट बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्केटिंग और सेल्स पर खर्च 74% बढ़कर ₹1,120 करोड़ हो गया, जबकि लॉजिस्टिक्स कॉस्ट 42% बढ़कर ₹10,457 करोड़ हो गई। इन खर्चों और सर्वर व सॉफ्टवेयर पर ज़्यादा खर्च के कारण एडजस्टेड मार्केटप्लेस EBITDA लॉस ₹1,178 करोड़ रहा।

टैक्स के झमेले और स्टॉक मार्केट की चाल

ऑपरेटिंग लॉस के अलावा, कंपनी को कई बड़े फाइनेंशियल और रेगुलेटरी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एनुअल रिपोर्ट में ₹2,071.8 करोड़ के टैक्स डिस्प्यूट्स का जिक्र है। अगर कानूनी नतीजे कंपनी के हक में नहीं आते हैं, तो यह कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी को प्रभावित कर सकता है।

FY25 के अंत में लिस्ट होने के बाद से Meesho के स्टॉक में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। दिसंबर 2025 में अपने ऑल-टाइम हाई ₹254.4 को छूने के बाद, स्टॉक अप्रैल 2026 में ₹125.56 के निचले स्तर पर आ गया था। हाल ही में, अगस्त 2026 में शेयर ₹209 के आसपास ट्रेड करते हुए रिकवरी के संकेत दे रहे थे। यह चाल मार्केट की मिली-जुली प्रतिक्रिया को दर्शाती है - एक तरफ 'ग्रोथ एट एनी कॉस्ट' मॉडल, दूसरी तरफ घटता हुआ नेट लॉस (जो पिछले साल के ₹3,942 करोड़ की तुलना में FY26 में ₹1,358 करोड़ तक सुधर गया)।

आगे क्या?

अब निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी अपने मार्जिन को स्टेबल कर पाती है और अपने बढ़े हुए यूजर बेस को सस्टेनेबल कैश फ्लो में बदल पाती है। जैसे-जैसे कंपनी अपने 'Valmo' लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और AI कैपेबिलिटीज में निवेश जारी रखेगी, शेयरहोल्डर्स को इस बात के संकेत देखने होंगे कि कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट ज़्यादा एफिशिएंट हो रही है या नहीं और टैक्स लिटिगेशन से कोई अप्रत्याशित फाइनेंशियल प्रेशर तो नहीं आ रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.