Mbodi AI का ABB Robotics के साथ हाथ: अब बोलकर कंट्रोल होंगे इंडस्ट्रियल रोबोट्स

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AuthorNeha Patil|Published at:
Mbodi AI का ABB Robotics के साथ हाथ: अब बोलकर कंट्रोल होंगे इंडस्ट्रियल रोबोट्स

Mbodi AI ने ABB Robotics के साथ साझेदारी की है, जिससे अब इंडस्ट्रियल रोबोट्स को नैचुरल भाषा (Natural Language) में कमांड देकर ऑपरेट किया जा सकेगा। यह नई तकनीक कॉम्प्लेक्स कोडिंग की जरूरत को खत्म करेगी और फैक्ट्री ऑटोमेशन को आसान बनाएगी।

कोडिंग से आजादी, अब बोलकर होगा काम

इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। स्टार्टअप Mbodi AI और दिग्गज कंपनी ABB Robotics ने मिलकर एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जहां अब रोबोट्स को कोडिंग के जरिए नहीं, बल्कि वॉइस कमांड और फिजिकल डेमो के जरिए सिखाया जा सकेगा। यह तकनीक उन फैक्ट्रियों के लिए संजीवनी बन सकती है जो कोडिंग की जटिलता के कारण अब तक ऑटोमेशन से दूर थीं।

99.96% की सफलता दर

इस सॉफ्टवेयर का हालिया परीक्षण बेहद शानदार रहा है, जहां पिक-एंड-प्लेस ऑपरेशंस में इसने 99.96% का सक्सेस रेट हासिल किया है। इससे न केवल प्रोडक्शन लाइन को दोबारा सेट करने का समय बचेगा, बल्कि स्पेशलाइज्ड कोडिंग एक्सपर्ट्स पर निर्भरता भी कम होगी।

भारतीय निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?

भले ही Mbodi एक प्राइवेट स्टार्टअप है, लेकिन ABB Robotics के साथ यह जुड़ाव ABB India जैसे बड़े खिलाड़ियों के लिए एक पॉजिटिव संकेत है। ग्लोबल स्तर पर लिस्टेड कंपनियां अब अपने मौजूदा हार्डवेयर में थर्ड-पार्टी AI सॉफ्टवेयर को इंटीग्रेट कर रही हैं, ताकि वे बाजार में अपनी बढ़त बनाए रखें।

चुनौतियां और रिस्क

हालांकि यह तकनीक सुनने में क्रांतिकारी है, लेकिन निवेशकों को 'AI हाइप' से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी फैक्ट्री में इसे बड़े पैमाने पर लागू करने से पहले कंपनियों को यह साबित करना होगा कि यह समाधान भरोसेमंद है और लंबे समय में ROI (Return on Investment) दे सकता है।

अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कितनी तेजी से बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां इस AI सॉल्यूशन को अपनाती हैं और क्या यह कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार लाने में कारगर साबित होता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.