Matrimony.com ने जून 2026 तिमाही के लिए अपने नेट प्रॉफिट में पिछले साल की तुलना में **127.5%** की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹19.10 करोड़** हो गया है, जिसके चलते मंगलवार को इसके शेयर **10.34%** चढ़ गए।
Matrimony.com के शेयरों में तूफानी तेजी!
मंगलवार को Matrimony.com के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयर 10.34% बढ़कर ₹530.00 पर बंद हुए। यह उछाल कंपनी के 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के शानदार नतीजों के ऐलान के बाद आया।
नतीजों पर एक नज़र
30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में, कंपनी ने ₹19.10 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा है। ऑपरेशन से होने वाली रेवेन्यू (Revenue) में भी 13.2% का इजाफा हुआ और यह ₹130.50 करोड़ तक पहुंच गया।
मार्जिन में भारी सुधार
इस दमदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन बढ़कर 20.1% हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में सिर्फ 11.0% था। मार्जिन में यह बढ़ोतरी बॉटम-लाइन ग्रोथ में एक बड़ा कारण बनी।
मैचमेकिंग सेगमेंट का जलवा
कंपनी का मुख्य रेवेन्यू सोर्स मैचमेकिंग सर्विस ही है। इस तिमाही में इस सेगमेंट ने 2.72 लाख नए पेड सब्सक्रिप्शन (Paid Subscriptions) जोड़े। हालांकि, कंपनी ने वेडिंग मार्केटप्लेस और वेन्यू बुकिंग जैसे दूसरे एरिया में भी विस्तार करने की कोशिश की है, लेकिन मैचमेकिंग सर्विस ही अभी भी रेवेन्यू का सबसे बड़ा हिस्सा है।
CFO का इस्तीफा
फाइनेंशियल नतीजों के साथ-साथ, Matrimony.com ने यह भी ऐलान किया है कि कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) हरिगोविंद कृष्णस्वामी 17 अगस्त 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। मार्केट में CFO स्तर पर होने वाले नेतृत्व परिवर्तन पर हमेशा बारीकी से नजर रखी जाती है।
आगे की राह
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी इस नेतृत्व परिवर्तन को कैसे संभालती है। हालांकि, मौजूदा नतीजे सकारात्मक हैं, लेकिन भारत में ऑनलाइन मैचमेकिंग इंडस्ट्री में कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। Matrimony.com को बड़े और बड़े फंड वाले प्लेटफॉर्म्स से लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इस ग्रोथ की निरंतरता कंपनी की कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (Customer Acquisition Cost) को कंट्रोल में रखने और प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले अपने यूजर बेस को बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी। आने वाली तिमाहियों में यूजर सब्सक्रिप्शन पर खर्च करने की आदतों का असर भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगा।
