Manipal Education and Medical Group की एडटेक शाखा UNext अब प्रॉफिटेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालांकि कंपनी अभी नुकसान में है और इसका नेट वर्थ नेगेटिव है, लेकिन यह IPO से बचते हुए पेरेंट ग्रुप की फंडिंग के जरिए मार्च 2027 तक ब्रेक-ईवन हासिल करने की कोशिश में है।
एडटेक सेक्टर में जारी उठापटक के बीच Manipal Education and Medical Group (MEMG) की वेंचर UNext Learning एक सतर्क रणनीति अपना रही है। कई स्टार्टअप्स के विपरीत, जो आक्रामक मार्केटिंग और वेंचर कैपिटल पर निर्भर थे, UNext लंबे समय के लिए संस्थागत साझेदारी (Institutional Partnerships) बनाने पर जोर दे रही है। ध्यान रहे, UNext एक प्राइवेट कंपनी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
वित्तीय स्थिति और चुनौतियाँ
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 तक ₹580 करोड़ से अधिक का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है। अगर एंटरप्राइज-ट्रेनिंग सेगमेंट की बात करें, तो यह EBITDA के लिहाज से पॉजिटिव है, लेकिन कुल मिलाकर कंपनी अभी भी लॉस-मेकिंग फेज में है। कंपनी का नेट वर्थ नेगेटिव है, जिसका मतलब है कि देनदारियां एसेट से अधिक हैं।
पेरेंट ग्रुप का सहारा
UNext को अब तक MEMG से ₹700 करोड़ से ₹800 करोड़ के बीच इंटरनल फंडिंग मिली है। सितंबर 2026 तक, कंपनी की बैंक सुविधाओं को CARE Ratings से 'BBB-' (स्टेबल आउटलुक) रेटिंग मिली है। यह रेटिंग साफ बताती है कि कंपनी के ऑपरेशंस और कर्ज चुकाने की क्षमता उसके पेरेंट ग्रुप से मिलने वाले लगातार पूंजी समर्थन पर निर्भर है।
नई राह: AI और विस्तार
कंपनी अपने लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम 'Lumen' के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दांव लगा रही है, ताकि कंटेंट पर्सनलाइजेशन और डाउट सॉल्विंग जैसे कामों में लागत कम की जा सके। फिलहाल, कंपनी की कोई IPO योजना नहीं है और वह निजी कंपनी के तौर पर ही अपना विस्तार करना चाहती है। अब निवेशकों की नजर मार्च 2027 के उस टारगेट पर होगी, जब कंपनी कंसोलिडेटेड ब्रेक-ईवन तक पहुंचने का इरादा रखती है। साथ ही, दिल्ली-NCR, मुंबई और जयपुर में नए ट्रेनिंग सेंटर्स को सही ढंग से चलाने की चुनौती भी कंपनी के सामने बड़ी होगी।
