MakeMyTrip ने अपना नया ग्लोबल रिवॉर्ड प्रोग्राम 'वनसर्कल' (OneCircle) लॉन्च किया है। इसमें **13,300** से ज़्यादा होटल शामिल हैं और यह बुकिंग पर **10%** तक का रिटर्न देगा। कंपनी का खास फोकस टियर 2 और टियर 3 शहरों पर है, ताकि रिपीट बुकिंग को बढ़ावा मिले और इन छोटे शहरों में अपनी पैठ बढ़ाई जा सके।
'वनसर्कल' प्रोग्राम की शुरुआत
MakeMyTrip Limited ने अपने नए लॉयल्टी इनिशिएटिव 'वनसर्कल' (OneCircle) को पेश किया है। यह प्रोग्राम 1,000 से ज़्यादा शहरों में 13,300 से अधिक होटल और अन्य अकोमोडेशन प्रॉपर्टीज़ को एक साथ लाएगा। 30 जून 2026 तक, इस प्रोग्राम के तहत यात्री अपनी बुकिंग वैल्यू का कम से कम 10% रिवॉर्ड पॉइंट्स के रूप में कमा सकेंगे, जिन्हें नेटवर्क के भीतर भविष्य में ठहरने के लिए रिडीम किया जा सकेगा।
छोटे शहरों पर खास नज़र
इस प्रोग्राम को लॉन्च करने की रणनीति का एक बड़ा हिस्सा छोटे शहरों पर केंद्रित है। लगभग 75% प्रॉपर्टीज़ टियर 2 और टियर 3 शहरों में स्थित हैं। यह कदम भारत के बड़े मेट्रो शहरों के बाहर उभरते हुए ट्रैवल डेस्टिनेशन्स में अपनी पहुंच बनाने का एक प्रयास है। कंपनी के अनुसार, राजस्थान, केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सबसे ज़्यादा प्रॉपर्टीज़ हैं, जबकि जयपुर, गुरुग्राम और बेंगलुरु जैसे शहर प्रॉपर्टीज़ की कुल संख्या में सबसे आगे हैं।
बिज़नेस स्ट्रैटेजी और ग्राहक बनाए रखने की कोशिश
एक स्टैंडर्ड रिवॉर्ड मैकेनिज्म बनाकर, MakeMyTrip का लक्ष्य बार-बार बुकिंग को प्रोत्साहित करना और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर स्पेस में ग्राहकों को बनाए रखना है। यह प्रोग्राम यात्रियों को वैल्यू देने के साथ-साथ अकोमोडेशन पार्टनर्स को डिमांड जनरेशन का एक स्थायी चैनल प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। MakeMyTrip के लिए, छोटे शहरों में विस्तार करना गैर-मेट्रो भारत की बढ़ती खर्च करने की क्षमता को भुनाने की एक प्रमुख रणनीति है, ऐसे सेगमेंट में हाल के वर्षों में यात्रा गतिविधि में वृद्धि देखी गई है।
सेक्टर का संदर्भ और प्रतिस्पर्धा
भारत में ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर ने महामारी के बाद महत्वपूर्ण वापसी की है, जिसमें डोमेस्टिक ट्रैवल और अनुभवात्मक स्टे (experiential stays) की ओर एक मजबूत झुकाव देखा गया है। MakeMyTrip, Booking.com, Agoda और विभिन्न क्षेत्रीय प्लेयर्स जैसे अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ प्रतिस्पर्धा जारी रखे हुए है, जो सभी बढ़ते मिडिल-क्लास ट्रैवल सेगमेंट में मार्केट शेयर हासिल करने की सक्रिय रूप से कोशिश कर रहे हैं। इस लॉयल्टी प्रोग्राम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह लगातार बुकिंग को कितनी अच्छी तरह से प्रेरित कर पाता है और यह सुनिश्चित करता है कि भाग लेने वाली प्रॉपर्टीज़ विभिन्न प्रकार के यात्रियों के लिए आकर्षक बनी रहें।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
निवेशक यह ट्रैक कर सकते हैं कि यह लॉयल्टी प्रोग्राम आने वाली तिमाहियों में कंपनी की टेक रेट (take rate) और प्रॉफिट मार्जिन को कैसे प्रभावित करता है, क्योंकि लॉयल्टी रिवॉर्ड्स एक लागत है जिसे कंपनी को बढ़े हुए ट्रांजेक्शन वॉल्यूम के मुकाबले संतुलित करना होगा। इसके अतिरिक्त, मैनेजमेंट की इस नेटवर्क को आगे बढ़ाने की क्षमता और टियर 2 और टियर 3 बाजारों में उच्च यूटिलाइजेशन रेट बनाए रखने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। भविष्य की तिमाही रिपोर्ट्स 'वनसर्कल' के कुल ग्रॉस बुकिंग में योगदान और क्या यह लॉयल्टी प्रोग्राम लंबे समय में कंपनी के लिए कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (customer acquisition cost) को कम करने में मदद करता है, इस पर अंतर्दृष्टि प्रदान कर सकती हैं।
