Mahindra Group का AI जलवा: लागत में **30%** की कटौती, मार्जिन में आया उछाल!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Mahindra Group का AI जलवा: लागत में **30%** की कटौती, मार्जिन में आया उछाल!

Mahindra Group ने AI 2.0 स्ट्रेटेजी से शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट में **30%** की बड़ी कटौती की है। ऑटो, फार्म और फाइनेंसियल सर्विसेज जैसे बिज़नेस में AI के इस्तेमाल से प्रॉफिट मार्जिन और कैपिटल एफिशिएंसी में सुधार देखा जा रहा है।

AI ने कैसे बदली Mahindra की तस्वीर?

Mahindra Group अब सिर्फ AI कैपेबिलिटीज बनाने से आगे बढ़कर, असल बिज़नेस रिजल्ट्स पर फोकस कर रहा है। कंपनी ने अपनी हालिया तिमाही रिपोर्ट में बताया है कि कैसे AI 2.0 स्ट्रेटेजी से उनके ऑटोमोटिव, फार्म इक्विपमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे मुख्य सेगमेंट्स में ऑपरेशनल कॉस्ट कम हो रही है और प्रोडक्टिविटी बढ़ रही है।

मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग में AI का असर

Mahindra ने पहली बार AI पहलों के असर को नंबर्स में पेश किया है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में, उनके Paint.ai सॉल्यूशन ने 90.6% का फर्स्ट-टाइम 'बाय-ऑफ' रेट हासिल किया है। इससे रीवर्क की जरूरत कम हुई और पेंट की खपत घटी, जिससे शॉप-फ्लोर एफिशिएंसी सीधे तौर पर बढ़ी है। वहीं, Simulation.ai के इस्तेमाल से गाड़ी के ड्रैग कोएफिशिएंट की भविष्यवाणी में लगने वाला समय 10 घंटे से घटकर सिर्फ 2 मिनट रह गया है। यह प्रोडक्ट डेवलपमेंट टाइम में कमी कंपनी को नए मॉडल्स तेजी से मार्केट में लाने में मदद करेगी।

ऑपरेशंस और कस्टमर सर्विस में AI का विस्तार

टेक्निकल इंजीनियरिंग के अलावा, ग्रुप AI को कस्टमर-फेसिंग ऑपरेशंस में भी इंटीग्रेट कर रहा है। Mahindra Finance ने जुलाई में 65% लोन फाइल्स AI-ड्रिवन सिस्टम से प्रोसेस कीं। AI एजेंट्स ने 5 लाख से ज्यादा कस्टमर सर्विस रिक्वेस्ट संभाले हैं और 91,000 से अधिक टेस्ट ड्राइव्स फैसिलिटेट की हैं। इन सबको मिलाकर कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट में 30% की कमी आई है। इतना ही नहीं, 2,600 से ज्यादा वर्कशॉप कर्मचारी AI असिस्टेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो दिखाता है कि कंपनी फ्रंटलाइन स्टाफ तक टेक्नोलॉजी टूल्स को सफलतापूर्वक पहुंचा रही है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

Mahindra Group का डिजिटल इंटीग्रेशन पर जोर, प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए है। ऑटो और फार्म सेक्टर में कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच AI से इंटरनल प्रोसेस को ऑप्टिमाइज़ करके, ग्रुप अपनी कैपिटल एफिशिएंसी सुधारने की कोशिश कर रहा है। निवेशक यह देखेंगे कि क्या ये कॉस्ट-सेविंग मेजर्स नए एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स में भी इसी तरह लागू हो पाते हैं। भविष्य में, AI-ड्रिवन मेट्रिक्स की लगातार रिपोर्टिंग यह बताएगी कि क्या कॉस्ट रिडक्शन में शुरुआती सफलता, ग्रुप के 15 एक्टिव एंटरप्राइज-वाइड ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स के साथ स्केल होने पर भी बनी रहती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.