Magellanic Cloud की सब्सिडियरी Provigil Surveillance को DFCCIL से ₹8.90 करोड़ का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर CCTV सिस्टम लगाने के लिए है। खास बात यह है कि पिछले एक हफ्ते में यह दूसरी बार है जब कंपनी को इस सरकारी संस्था से ऑर्डर मिला है।
नया ₹8.90 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट
Magellanic Cloud Limited ने मंगलवार को घोषणा की है कि उसकी सहायक कंपनी, Provigil Surveillance Limited, को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) से लगभग ₹8.90 करोड़ का एक महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट के तहत वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के न्यू पालनपुर-न्यू गोथांगम सेक्शन पर IP-आधारित CCTV सर्विलांस सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट पांच साल के ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर (OPEX) मॉडल पर आधारित है, जिसमें लगातार मेंटेनेंस और सपोर्ट भी शामिल है।
लगातार दूसरी बड़ी जीत
यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि इसी क्लाइंट DFCCIL से Provigil Surveillance को कुछ दिन पहले ही ₹3.73 करोड़ का एक और कॉन्ट्रैक्ट मिला था। लगातार मिल रहे कॉन्ट्रैक्ट्स इस बात का संकेत देते हैं कि कंपनी क्लाइंट की उम्मीदों पर खरा उतर रही है और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक मजबूत बिजनेस रिलेशनशिप बनाने में कामयाब हो रही है।
शेयर में 7% का उछाल
इन घोषणाओं के बाद, Magellanic Cloud के शेयरों में मंगलवार को लगभग 7% की तेजी देखने को मिली और यह इंट्राडे में ₹29.10 के स्तर तक पहुंच गया। ट्रेडिंग सेशन में अच्छी खासी वॉल्यूम के साथ कारोबार हुआ, जो कि नए ऑर्डर्स को लेकर मार्केट की दिलचस्पी को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए चिंता का विषय?
हालांकि कंपनी अपने ऑर्डर बुक को बढ़ा रही है, निवेशकों को इसके वित्तीय और ऑपरेशनल पहलुओं पर भी गौर करना चाहिए। उपलब्ध डेटा के अनुसार, कंपनी के डेटर डेज़ (Debtor Days) ऐतिहासिक रूप से 184 दिन रहे हैं। यह वो समय होता है जब कंपनी को अपने ग्राहकों से पेमेंट मिलती है, और ऐसे लंबे कलेक्शन साइकिल्स कैश फ्लो पर दबाव डाल सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी के प्रमोटर्स ने अपनी 46.8% हिस्सेदारी प्लेज (Pledge) की हुई है, जो कॉरपोरेट गवर्नेंस और फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण फैक्टर है।
यह पांच साल का कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की क्षमता का एक महत्वपूर्ण टेस्ट होगा। निवेशकों की नज़रें इस बात पर होंगी कि क्या DFCCIL से मिलने वाले ये कॉन्ट्रैक्ट्स कंपनी के कैश फ्लो में सुधार ला पाते हैं या नहीं।
