Lovable की वैल्यूएशन ₹13.2 अरब डॉलर के पार! $300 मिलियन की फंडिंग की तैयारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Lovable की वैल्यूएशन ₹13.2 अरब डॉलर के पार! $300 मिलियन की फंडिंग की तैयारी

AI स्टार्टअप Lovable अपने निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी ला सकती है। कंपनी **$300 मिलियन** की फंडिंग जुटाने की तैयारी में है, जिससे इसकी वैल्यूएशन दोगुनी होकर **$13.2 अरब डॉलर** तक पहुंच सकती है। यह 'vibe-coding' प्लेटफॉर्म की तेज ग्रोथ के बाद आया है, जो नेचुरल लैंग्वेज से सॉफ्टवेयर बनाता है।

'vibe-coding' ने बदली किस्मत?

स्वीडन की AI स्टार्टअप Lovable, जो AI की मदद से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम करती है, एक नए फंडिंग राउंड की ओर बढ़ रही है। अगर यह डील तय शर्तों पर पूरी होती है, तो कंपनी की वैल्यूएशन $13.2 अरब डॉलर हो जाएगी। यह पिछले साल दिसंबर 2025 में हासिल $6.6 अरब डॉलर की वैल्यूएशन से दोगुना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Menlo Ventures इस $300 मिलियन के निवेश का नेतृत्व कर सकती है।

Lovable का 'vibe-coding' टेक्नोलॉजी खास है। यह यूजर्स को कोडिंग के बजाय सिंपल इंग्लिश में इंस्ट्रक्शन्स देकर ऐप और ई-कॉमर्स वेबसाइट बनाने की सुविधा देता है। इस आसानी की वजह से कंपनी जून 2026 तक $500 मिलियन के एनुअल रेवेन्यू रन रेट तक पहुंच गई है। फिलहाल, इसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल डिजाइनर्स, बिजनेस फाउंडर्स के साथ-साथ Workday, Asana और Nvidia जैसी बड़ी कंपनियां भी कर रही हैं।

कॉम्पिटिशन और मार्केट का माहौल

Lovable में निवेशकों की दिलचस्पी AI-डेवलपमेंट टूल्स में बढ़ते कैपिटल फ्लो को दिखाती है। निवेशक इन प्लेटफॉर्म्स की तुलना सेक्टर के दूसरे बड़े नामों से कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, Replit की वैल्यूएशन $9 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है, वहीं Factory ने अप्रैल में अपने AI एजेंट प्लेटफॉर्म के लिए $1.5 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई थी। कोडिंग टूल Cursor का अधिग्रहण भी बताता है कि बड़ी कंपनियां सॉफ्टवेयर बनाने की प्रक्रिया को आसान बनाने वाले प्लेटफॉर्म्स को कितना महत्व दे रही हैं।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

स्टार्टअप्स की दुनिया में इतनी तेजी से वैल्यूएशन बढ़ना चिंता का विषय हो सकता है। AI सेक्टर में हाई वैल्यूएशन अक्सर लंबे समय तक रेवेन्यू ग्रोथ और मार्केट में अपनी बढ़त बनाए रखने की उम्मीदों से जुड़ी होती है। चूंकि ये कंपनियां अक्सर तुरंत प्रॉफिट कमाने के बजाय ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान देती हैं, इसलिए मार्केट की नजरें एंटरप्राइज क्लाइंट्स से लगातार मिलने वाले ऑर्डर और इन AI टूल्स के बड़े कॉरपोरेट वर्कफ्लो में इंटीग्रेशन पर रहेंगी। कंपनी की भविष्य की वित्तीय रिपोर्ट में यह देखना अहम होगा कि वह अपने मौजूदा यूजर्स को लॉन्ग-टर्म, हाई-वैल्यू कॉन्ट्रैक्ट्स में कैसे बदल पाती है।

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