LinkedIn में बड़ा फेरबदल, 600 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी
माइक्रोसॉफ्ट के स्वामित्व वाली कंपनी LinkedIn एक बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव से गुजर रही है। इस फेरबदल के चलते कैलिफोर्निया में 600 से अधिक कर्मचारियों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी। यह छंटनी 13 जुलाई से प्रभावी होगी और कंपनी के वैश्विक पुनर्गठन (Global Restructuring) का हिस्सा है, जिसका मकसद मार्केटिंग और ऑफिस स्पेस पर खर्चों में कटौती करना है।
छंटनी की मुख्य वजहें और प्रभाव
LinkedIn की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कुल 606 कर्मचारियों को निकाला जाएगा। वर्कर एडजस्टमेंट एंड रीट्रेंनिग नोटिफिकेशन (WARN) सिस्टम में दर्ज जानकारी के अनुसार, मउंटेन व्यू (Mountain View) स्थित हेडक्वार्टर में 352 कर्मचारी, 66 रिमोट वर्कर, सैन फ्रांसिस्को (San Francisco) में 108, सनीवेल (Sunnyvale) में 59 और कार्पिनटेरिया (Carpinteria) में 21 लोगों को नौकरी से हटाया जाएगा। यह छंटनी LinkedIn के कुल वर्कफोर्स का लगभग 5% हो सकती है, जो 17,500 से ज्यादा कर्मचारियों का अनुमान है। प्रभावित होने वाले विभागों में इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट, मार्केटिंग और कॉर्पोरेट फंक्शन्स शामिल हैं। कंपनी ने ऑस्ट्रिया के ग्राज़ (Graz) ऑफिस को भी बंद करने का ऐलान किया है।
AI नहीं, लागत कटौती पर फोकस
कई टेक कंपनियों की तरह, LinkedIn ने यह स्पष्ट किया है कि छंटनी की यह लहर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ऑटोमेशन की वजह से नहीं है। इसके बजाय, यह कंपनी के खर्चों और निवेश पर रिटर्न का एक नया मूल्यांकन है। कंपनी मार्केटिंग अभियानों पर होने वाले खर्च को कम कर रही है और ऑफिस स्पेस के इस्तेमाल की भी समीक्षा कर रही है। यह कदम पिछली बार के तेज विस्तार के विपरीत है और पेरेंट कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के हालिया बायआउट्स के अनुरूप है।
भविष्य की ग्रोथ पर सवाल
भले ही LinkedIn ने पिछले साल की तुलना में 12% की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर छंटनी भविष्य में कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार पर सवाल खड़े करती है। मार्केटिंग खर्च में कटौती से ब्रांड की पहचान और नए ग्राहकों को जोड़ने के प्रयासों पर असर पड़ सकता है। AI में जहां दूसरी कंपनियां भारी निवेश कर रही हैं, वहीं मार्केटिंग और R&D में कटौती LinkedIn को कमजोर बना सकती है। कंपनी के इस फैसले को निवेशक और बाजार बारीकी से देख रहे हैं, खासकर मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) और अल्फाबेट (Alphabet) जैसी दूसरी बड़ी टेक कंपनियों के बीच।
