सिंगापुर स्थित Lightstorm Telecom भारत में अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए **$50 करोड़** (करीब **₹4,750 करोड़**) का निवेश कर रही है। कंपनी का फोकस AI-रेडी फाइबर नेटवर्क और सबसी केबल्स बिछाने पर है।
क्या है लाइटस्टॉर्म का प्लान?
Lightstorm Telecom भारत में एक खास 'AI सुपरहाइवे' बनाने की तैयारी में है। यह नेटवर्क दक्षिणी कॉरिडोर में हाई-कैपेसिटी डीप-ट्रेंच्ड फाइबर के जरिए तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी I-2SEA नाम का एक सबसी केबल सिस्टम भी विकसित कर रही है, जो भारत, सिंगापुर और मलेशिया को सीधे जोड़ेगा।
क्यों है यह निवेश जरूरी?
आज के दौर में AI डेटा सेंटर्स को बहुत कम लेटेंसी और हाई-बैंडविड्थ की जरूरत होती है। लाइटस्टॉर्म अपने इस हाई-परफॉर्मेंस नेटवर्क को पुरानी तकनीक के मुकाबले एक बेहतर विकल्प के तौर पर पेश कर रही है, ताकि डेटा-भारी प्रोसेसिंग की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
फाइनेंशियल सेहत और चुनौती
अभी यह कंपनी प्राइवेट है और शेयर बाजार (NSE/BSE) पर लिस्टेड नहीं है, लेकिन 2027 के मध्य तक कंपनी IPO लाने पर विचार कर रही है। अपने विस्तार को रफ्तार देने के लिए कंपनी ने IndusInd Bank से ₹2,500 करोड़ का डेट (कर्ज) जुटाया है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी पर ₹1,541 करोड़ का नेट कर्ज है और कंपनी को ₹103.4 करोड़ का घाटा हुआ है।
बाजार में Tata Communications और Bharti Airtel जैसे दिग्गजों के रहते Lightstorm के लिए प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होने वाली है। कंपनी की सफलता पूरी तरह से भारत के डेटा सेंटर इकोसिस्टम की ग्रोथ पर निर्भर करती है।
