Lenskart ने एक्सटेंडेड रियलिटी स्टार्टअप AjnaLens में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर **9.01%** कर दी है। कंपनी ने इसके लिए **₹7.99 करोड़** का नया निवेश किया है, जिसका मुख्य मकसद AI-पावर्ड स्मार्ट ग्लास के विकास में तेजी लाना है।
स्मार्ट आईवियर की ओर बड़ा कदम
Lenskart वियरेबल टेक्नोलॉजी मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रहा है। 13 सितंबर 2026 को कंपनी ने 1.80% अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल की, जिससे उनका कुल निवेश इस साल ₹18.5 करोड़ तक पहुंच गया है। Lenskart अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और ऑप्टिकल अनुभव का इस्तेमाल उन हार्डवेयर चुनौतियों को सुलझाने में करेगा, जो अक्सर स्मार्ट ग्लास बनाने में आती हैं। इसके लिए वे Qualcomm जैसी ग्लोबल टेक कंपनियों के साथ भी मिलकर काम कर रहे हैं।
वित्तीय चुनौतियां और रिस्क
निवेशकों के लिए इस साझेदारी में अवसर के साथ कुछ जोखिम भी हैं। AjnaLens का रेवेन्यू हाल के दिनों में अस्थिर रहा है। स्टार्टअप का टर्नओवर FY26 में गिरकर ₹10.36 करोड़ रह गया, जो कि FY24 में ₹15.97 करोड़ था। कंपनी का फोकस मुख्य रूप से डिफेंस और एंटरप्राइज सेक्टर पर है, जहां सेल्स साइकिल लंबी होती है।
इसके अलावा, यह एक 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन' भी है, क्योंकि Lenskart के प्रमोटर Peyush Bansal खुद AjnaLens के बोर्ड में शामिल हैं। हालांकि, Lenskart का अपना परफॉरमेंस मजबूत है, जिसने FY27 की पहली तिमाही में ₹228 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
भविष्य की राह
अब असली परीक्षा स्मार्ट ग्लास के कमर्शियल रोलआउट की है। डिवाइस का वजन, बैटरी लाइफ और आम ग्राहकों का कंफर्ट ऐसे बड़े सवाल हैं, जिन्हें हल करना अभी बाकी है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि क्या यह पार्टनरशिप स्टार्टअप की गिरती कमाई को फिर से रफ्तार दे पाती है।
