Lenovo ने एशिया पैसिफिक प्रेसिडेंट अमर बाबू को Motorola का नया ग्लोबल प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। यह बदलाव **1 जनवरी, 2027** से प्रभावी होगा, जिसका मुख्य मकसद प्रीमियम स्मार्टफोन और AI डिवाइसेस के बाजार में कंपनी की पकड़ मजबूत करना है।
नेतृत्व में बड़ा बदलाव
दिग्गज टेक कंपनी Lenovo ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए अमर बाबू को मोबाइल बिजनेस ग्रुप का जनरल मैनेजर और Motorola का ग्लोबल प्रेसिडेंट नियुक्त करने का ऐलान किया है। वर्तमान में वे एशिया पैसिफिक क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे हैं और 1 जनवरी, 2027 से नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इस दौरान वे Luca Rossi को रिपोर्ट करेंगे।
क्यों चुना गया अमर बाबू को?
अमर बाबू के पिछले 5 सालों का ट्रैक रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है। उनके नेतृत्व में ही Motorola ने भारत जैसे चुनौतीपूर्ण बाजार में अपनी बाजार हिस्सेदारी (Market Share) को 4.6% (2024) से बढ़ाकर 9% (2026) तक पहुँचाया है। कंपनी ने इसके लिए Dixon Technologies जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर मैन्युफैक्चरिंग को लोकलाइज किया है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां और मौके
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या अमर बाबू अपनी इस सफलता को अमेरिका जैसे विकसित बाजारों में भी दोहरा पाएंगे। कंपनी का पूरा ध्यान अब 'प्रीमियम-फर्स्ट' रणनीति पर है, लेकिन यहाँ मुकाबला काफी सख्त है। AI-इंटीग्रेटेड हैंडसेट्स को डेवलप करना और उन्हें बड़े पैमाने पर उतारना कंपनी की रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) लागत को बढ़ा सकता है।
सप्लाई चेन में विविधीकरण (Diversification) और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता से निपटने की रणनीति पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। अगर कंपनी मार्जिन को सही से मैनेज नहीं कर पाई, तो सेल्स वॉल्यूम बढ़ने के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव दिख सकता है। आने वाले महीनों में कंपनी के नए प्रोडक्ट रोडमैप और सप्लाई चेन एफिशिएंसी के आंकड़ों से भविष्य की दिशा साफ होगी।
