Lekha Wireless और Analog Devices में हुई पार्टनरशिप, 5G तकनीक को मिलेगी नई रफ्तार

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AuthorNeha Patil|Published at:
Lekha Wireless और Analog Devices में हुई पार्टनरशिप, 5G तकनीक को मिलेगी नई रफ्तार

बेंगलुरु की Lekha Wireless ने अपनी 5G रेडियो इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए Analog Devices के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मकसद प्राइवेट नेटवर्क और औद्योगिक ग्राहकों के लिए हार्डवेयर की जटिलता को कम करना और बिजली की खपत को घटाना है।

बेंगलुरु स्थित टेक कंपनी Lekha Wireless Solutions ने ग्लोबल टेक दिग्गज Analog Devices (ADI) के साथ एक अहम रणनीतिक साझेदारी की है। इस डील के तहत, Lekha अपनी Open RAN (O-RAN) रेडियो एक्सेस नेटवर्क प्रोडक्ट्स में ADI के 'Samana' प्लेटफॉर्म को इंटीग्रेट करेगी। इस तकनीक का मुख्य काम रेडियो और डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग फंक्शन्स को एक सिंगल चिप पर लाना है, जिससे 5G इंफ्रास्ट्रक्चर अधिक किफायती और कुशल बन सके।

प्राइवेट नेटवर्क पर कंपनी की नजर

यह साझेदारी खासतौर पर माइनिंग, रेलवे और बड़े फैक्ट्री ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों के लिए 5G समाधान तैयार करने पर केंद्रित है। 'Samana' प्लेटफॉर्म का उपयोग करके कंपनी अपने रेडियो यूनिट्स की पावर खपत को कम करना चाहती है। यह औद्योगिक ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि उन्हें ऐसे कॉम्पैक्ट और लो-पावर उपकरणों की जरूरत होती है जो उनके इंटरनल ऑटोमेशन और SCADA सिस्टम को सपोर्ट कर सकें। इस बदलाव से कंपनी के नए प्रोडक्ट्स का डेवलपमेंट साइकिल भी छोटा होगा, जिससे ग्लोबल मार्केट में इनकी पहुंच आसान हो जाएगी।

बदलती हुई बिजनेस स्ट्रैटेजी

दिसंबर 2025 में Lekha Wireless ने अपने एयरोस्पेस और डिफेंस डिवीजन को CoreEL Technologies को बेच दिया था। उस सेक्टर से बाहर निकलने के बाद, अब कंपनी का पूरा फोकस वायरलेस इंफ्रास्ट्रक्चर और रेडियो एक्सेस नेटवर्क इक्विपमेंट पर है। Analog Devices के साथ यह जुड़ाव इसी नई रणनीति का हिस्सा है ताकि कंपनी तेजी से बदलते मार्केट में अपनी जगह पक्की कर सके।

ध्यान देने वाली बात (रिस्क फैक्टर)

निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि Lekha Wireless एक अनलिस्टेड (Unlisted) प्राइवेट कंपनी है। इसका मतलब है कि इसके शेयर NSE या BSE जैसे पब्लिक एक्सचेंज पर ट्रेड नहीं होते और इसमें पब्लिक कंपनियों जैसी लिक्विडिटी या पारदर्शिता नहीं होती। साथ ही, टेलीकॉम इक्विपमेंट का बाजार बहुत ही कॉम्पिटिटिव है, जहां 6G जैसे नए मानकों की ओर बदलाव की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। इसके अलावा, किसी बाहरी हार्डवेयर प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहने से सप्लाई चेन में आने वाली किसी भी समस्या का सीधा असर कंपनी के प्रोडक्शन और टाइमलाइन पर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.