Lead School IPO: 2-3 साल में शेयर बाज़ार में दस्तक! कंपनी का बड़ा प्लान

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Lead School IPO: 2-3 साल में शेयर बाज़ार में दस्तक! कंपनी का बड़ा प्लान

एडटेक कंपनी Lead School ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपनी वित्तीय योजनाओं का खुलासा किया है। कंपनी का लक्ष्य अपने रेवेन्यू में करीब **20%** की बढ़ोतरी और EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) को तीन गुना बढ़ाकर लगभग **₹90 करोड़** तक ले जाना है। यह सब आने वाले 2-3 सालों में संभावित IPO के लिए कंपनी को तैयार करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

FY27 का लक्ष्य: रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA में उछाल

Lead School ने वित्त वर्ष 2027 के लिए एक महत्वाकांक्षी वित्तीय रोडमैप तैयार किया है। कंपनी की योजना इस अवधि में अपने रेवेन्यू को लगभग 20% तक बढ़ाने और ऑपरेटिंग प्रॉफिट, यानी EBITDA को तीन गुना करके ₹90 करोड़ तक पहुंचाने की है। यह रणनीति कंपनी को लाभप्रदता (profitability) की ओर ले जाने और अगले दो से तीन वर्षों में स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग की संभावनाओं को मजबूत करने का हिस्सा है।

पिछले वित्तीय वर्ष (मार्च 2026 में समाप्त) के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹386 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 10% अधिक था। वहीं, ऑपरेटिंग EBITDA ₹30 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल के ₹4 करोड़ से एक महत्वपूर्ण सुधार है। इसी के साथ, नेट लॉस भी घटकर लगभग ₹33 करोड़ रह गया, जो FY25 में ₹43 करोड़ था। यह कंपनी के IPO लक्ष्यों की ओर बढ़ते हुए वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।

AI-संचालित ग्रोथ की रणनीति

कंपनी की ग्रोथ का एक बड़ा आधार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले प्रोडक्ट्स को बढ़ाना है। इसमें खास तौर पर स्पोकन-इंग्लिश टूल 'Miss Curie' और 'Techbook' शामिल हैं। इन टूल्स को सीखने के नतीजों को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है और ये कंपनी के रेवेन्यू मॉडल का अहम हिस्सा हैं। मैनेजमेंट का मानना है कि ये AI-आधारित उत्पाद लंबी अवधि में कुल बिजनेस का 25-30% योगदान दे सकते हैं। फिलहाल, 'Miss Curie' का उपयोग लगभग 20,000 छात्र 70 स्कूलों में कर रहे हैं, और अगले एक साल में इसे 500 से अधिक स्कूलों तक पहुंचाने की योजना है।

रणनीतिक बदलाव और बाज़ार के जोखिम

Lead School ने अपनी लॉन्ग-टर्म नेटवर्क विस्तार की महत्वाकांक्षाओं में भी बदलाव किया है। पहले 60,000 स्कूलों का लक्ष्य रखने के बजाय, अब कंपनी अगले पांच सालों में 20,000–25,000 स्कूलों का अधिक व्यावहारिक लक्ष्य लेकर चल रही है। यह बदलाव तेजी से विस्तार करने के बजाय गुणवत्ता और सफल कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत देता है, क्योंकि यह माना गया है कि सभी निजी स्कूल उनके लर्निंग सॉल्यूशंस के लिए आवश्यक सिस्टम ट्रांसफॉर्मेशन के लिए तैयार नहीं हैं।

निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी को अतीत में कार्यान्वयन (execution) की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। पिछले साल की ग्रोथ शुरुआती लक्ष्यों से कम रही, जिसका मुख्य कारण 'Miss Curie' प्रोडक्ट की लॉन्चिंग में देरी थी। कंपनी AI मॉडल से उच्च-गुणवत्ता वाले सीखने के परिणाम सुनिश्चित करने में अतिरिक्त समय लगा रही थी। इसके अलावा, नए CBSE पाठ्यपुस्तक (textbook) मानदंडों को लेकर अनिश्चितता और मध्य पूर्व (Middle East) प्रकाशन व्यवसाय में व्यवधान जैसे बाहरी कारकों ने भी अपसेलिंग (upselling) के अवसरों को प्रभावित किया है, जो रेवेन्यू में अस्थिरता की संभावना को उजागर करते हैं।

भविष्य पर नजर

निकट भविष्य में कंपनी का मुख्य ध्यान अपने AI प्रोडक्ट्स को मौजूदा लगभग 9,000 स्कूलों के नेटवर्क में सफलतापूर्वक एकीकृत करना है। लाभप्रदता की ओर वर्तमान गति को बनाए रखने की क्षमता कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक होगी। इसके अतिरिक्त, हितधारक (stakeholders) इस बात पर भी नजर रखेंगे कि कंपनी नियामक परिवर्तनों (regulatory changes) और पाठ्यपुस्तक नीति अपडेट्स को कितनी सफलतापूर्वक नेविगेट कर पाती है, जो K-12 एडटेक सेगमेंट में प्रमुख चर बने हुए हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.