LatentView Analytics ने सितंबर तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **6.1%** बढ़कर **₹48.47 करोड़** रहा है, जबकि रेवेन्यू में **14.2%** का उछाल देखा गया है।
मुनाफे और रेवेन्यू का गणित
LatentView Analytics ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में मिला-जुला प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 6.1% बढ़कर ₹48.47 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू 14.2% की बढ़ोतरी के साथ ₹294.07 करोड़ दर्ज किया गया है।
मार्जिन पर बढ़ती लागत का असर
भले ही कंपनी की सर्विसेज की डिमांड अच्छी है, लेकिन प्रॉफिट ग्रोथ रेवेन्यू के मुकाबले सुस्त रही। इसकी मुख्य वजह कर्मचारी खर्चों (Employee Benefit Expenses) में 20.6% का भारी इजाफा है। स्टाफ की बढ़ती लागत का सीधा असर मुनाफे पर पड़ा है और कंपनी का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 20.7% रहा है। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी आने वाले समय में इन खर्चों को क्लाइंट्स पर डाल पाएगी या नहीं।
भौगोलिक और सेक्टर का रिस्क
कंपनी के रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा, यानी 89%, नॉर्थ अमेरिका से आता है और 55% हिस्सा केवल टेक्नोलॉजी सेक्टर से आता है। यह निर्भरता कंपनी को अमेरिका के टेक मार्केट में होने वाली किसी भी हलचल के प्रति संवेदनशील बनाती है। हालांकि, ऑटोमोटिव और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर ने इस बार अच्छा सपोर्ट दिया है।
कानूनी विवाद और ऑपरेशनल चुनौतियां
निवेशकों को Decision Point Private Limited के पूर्व शेयरहोल्डर्स के साथ चल रहे कानूनी विवाद पर ध्यान देना चाहिए। यह मामला 20% इक्विटी स्टेक की खरीदारी कीमत से जुड़ा है। इसके अलावा, 25% की हाई एट्रिशन रेट (कर्मचारियों का कंपनी छोड़ना) भी कंपनी के लिए एक बड़ी ऑपरेशनल चुनौती बनी हुई है। मैनेजमेंट ने मैक्रो-इकोनॉमिक अस्थिरता को लेकर भी सतर्क रहने का संकेत दिया है, जिसका असर क्लाइंट्स के खर्च पर पड़ सकता है।
