Larsen & Toubro (L&T) को कोलकाता में **10 एकड़** जमीन मिल गई है, जहाँ कंपनी अपना 'टियर-3' डेटा सेंटर बनाएगी। कंपनी की यह बड़ी घोषणा उसके हालिया AI-फोक्स्ड टेक्नोलॉजी हब के विस्तार का हिस्सा है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर कदम
पश्चिम बंगाल में L&T अपने डिजिटल फुटप्रिंट को तेजी से बढ़ा रही है। 27 अगस्त, 2026 को कंपनी के 'आनंद निकेतन' (Ananda Niketan) ग्लोबल डिलीवरी और AI कॉम्पिटेंसी सेंटर के उद्घाटन के मौके पर राज्य सरकार ने 10 एकड़ जमीन के आवंटन पर अपनी सहमति दे दी है। यह जमीन कंपनी के प्रस्तावित टियर-3 डेटा सेंटर के लिए आवंटित की गई है।
बड़े पैमाने पर विस्तार
न्यू टाउन, कोलकाता में स्थित इस नए टेक्नोलॉजी कैंपस में अभी 5,800 प्रोफेशनल्स काम कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य इसे इस तरह तैयार करना है कि भविष्य में यहाँ 25,000 कर्मचारी एक साथ काम कर सकें। कंपनी का इरादा स्थानीय प्रतिभाओं का उपयोग करके ग्लोबल क्लाइंट्स के लिए जटिल डिजिटल इंजीनियरिंग और AI-संचालित समाधान प्रदान करना है।
फाइनेंशियल्स और जोखिम
आर्थिक मोर्चे पर L&T की स्थिति काफी मजबूत है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.35:1 है, जो बताता है कि कंपनी पर कर्ज का बोझ कम है। हाल ही में अगस्त 2026 में कंपनी को ₹15,000 करोड़ का बड़ा AI-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर ऑर्डर भी मिला है। हालांकि, निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इतने बड़े प्रोजेक्ट्स में जमीन अधिग्रहण में देरी और रेगुलेटरी अप्रूवल जैसे जोखिम हमेशा बने रहते हैं। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में कंपनी के ऑपरेशंस पर ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल हालातों का भी असर पड़ सकता है।
