Larsen & Toubro (L&T) अगले 5 सालों में ₹5,000 करोड़ का निवेश करके एक नया इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स और सिस्टम्स बिजनेस शुरू करने जा रही है। कंपनी का लक्ष्य इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपोनेंट्स, रोबोटिक्स और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती मांग को पूरा करना है, साथ ही विदेशी प्लेयर्स पर निर्भरता कम करना है।
L&T की नई इलेक्ट्रॉनिक डिवीजन का ऐलान
इंजीनियरिंग दिग्गज Larsen & Toubro (L&T) अब हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कदम रख रही है। कंपनी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स और सिस्टम्स के लिए एक नई बिजनेस यूनिट लॉन्च कर रही है। अगले 5 सालों में L&T इस नई इकाई को स्थापित करने के लिए ₹5,000 करोड़ खर्च करने की योजना बना रही है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज, रिसर्च सेंटर और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) का विकास शामिल है। यह कदम L&T के लिए एक बड़ी रणनीतिक बदलाव है, क्योंकि कंपनी अपने पारंपरिक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) बिजनेस पर निर्भरता कम करके टेक्नोलॉजी-संचालित इंडस्ट्रियल मार्केट में अपनी जगह बनाना चाहती है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबिलिटी पर खास फोकस
यह नया डिवीजन चार मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा: पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, स्ट्रेटेजिक इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और मोबिलिटी। L&T ने अपने चार मौजूदा वर्टिकल्स को इस नई बिजनेस यूनिट में समेकित करके खुद को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बढ़ती मांग और भारतीय उद्योगों में ऑटोमेशन के बढ़ते चलन का फायदा उठाने के लिए तैयार किया है। इस निवेश का एक प्रमुख उद्देश्य स्वदेशी टेक्नोलॉजी का विकास करना है। वर्तमान में, भारतीय बाजार ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियों पर निर्भर है, और L&T इस कमी को दूर करने के लिए घरेलू समाधान बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोडक्शन टारगेट
इस ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए, L&T कोयंबटूर में 40 एकड़ का एक बड़ा कैंपस स्थापित कर रही है, जो मैन्युफैक्चरिंग के लिए समर्पित होगा। यह फैसिलिटी बेंगलुरु और कोयंबटूर में मौजूदा इंजीनियरिंग और रिसर्च हब के साथ मिलकर काम करेगी। कंपनी को पहले ही शुरुआती सफलता मिल चुकी है, जिसने एक टू-व्हीलर निर्माता के लिए 5 लाख इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन मोटर्स बनाने का ऑर्डर हासिल किया है। पायलट प्रोडक्शन अगस्त 2026 में शुरू होने की उम्मीद है, और बड़े पैमाने पर कमर्शियल मैन्युफैक्चरिंग सितंबर 2026 से शुरू हो सकती है। कंपनी की योजना इन प्लेटफॉर्म्स को पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों तक विस्तारित करने की भी है।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल पहलू
निवेशकों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि L&T अपने मुख्य बिजनेस के प्रदर्शन को बनाए रखते हुए इस पूंजी-गहन विस्तार का प्रबंधन कैसे करती है। ट्रैक्शन मोटर्स के लिए 98% कंपोनेंट लोकलाइजेशन पर कंपनी का फोकस लागत को नियंत्रित करने और सप्लाई चेन के जोखिमों को कम करने की एक लंबी अवधि की योजना का संकेत देता है। हालांकि, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रवेश के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और विशेष प्रतिभा में लगातार निवेश की आवश्यकता होगी, जिससे अल्पावधि में ऑपरेटिंग मार्जिन प्रभावित हो सकता है। स्थापित वैश्विक टेक्नोलॉजी प्रदाताओं से बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की L&T की क्षमता भी इस नए उद्यम की सफलता का एक प्रमुख कारक होगी। कंपनी को उम्मीद है कि इस सेगमेंट में उसका एड्रेसेबल मार्केट वर्तमान $2 बिलियन से बढ़कर 2031 तक $4.85 बिलियन से अधिक हो जाएगा, जो कि निष्पादन (execution) ट्रैक पर रहने पर एक लंबा अवसर प्रदान करता है।
