ECB प्रेसिडेंट Christine Lagarde ने आगाह किया है कि AI तकनीक के लिए अमेरिका पर यूरोप की हद से ज्यादा निर्भरता न केवल रणनीतिक बल्कि वित्तीय जोखिम भी पैदा कर रही है। यूरोपीय निवेशकों का अमेरिकी टेक स्टॉक्स में **$508 बिलियन** का निवेश फंसा है, जो आर्थिक स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा अंतर
Christine Lagarde ने वियना में अपने संबोधन के दौरान यूरोप में कंप्यूटिंग पावर की भारी कमी को उजागर किया। वर्तमान में, पूरी दुनिया की 75% एआई कंप्यूटिंग क्षमता अकेले अमेरिका के पास है, जबकि यूरोप की हिस्सेदारी मात्र 5% है। यह कमी इस बात का संकेत है कि यूरोप के पास अपनी एआई प्रणाली पर नियंत्रण बहुत सीमित है। Lagarde ने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहे, तो अगले एक दशक में यूरोप का डेटा सेंटर क्षमता गैप 6 गुना से अधिक बढ़ सकता है। यूरोप को अब अपनी आत्मनिर्भरता के लिए स्थानीय बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
पेंशन फंड और निवेशकों के लिए जोखिम
तकनीक के साथ-साथ यह खतरा वित्तीय बाजारों तक भी पहुंच चुका है। यूरोपीय पेंशन फंड और व्यक्तिगत बचतकर्ताओं का अमेरिकी टेक सेक्टर में $508 बिलियन (लगभग 440 बिलियन यूरो) का बड़ा निवेश है। यदि अमेरिकी टेक बाजार में कोई बड़ा करेक्शन आता है, तो इसका सीधा असर यूरोप के रिटायर्ड लोगों की बचत और घरेलू संपत्ति पर पड़ेगा। इसके अलावा, अमेरिकी कंपनियां यूरोप के डेट मार्केट से भी कर्ज ले रही हैं, जिससे यूरोपीय कंपनियों के लिए फंड जुटाने की लागत बढ़ रही है क्योंकि उन्हें इन बड़ी टेक कंपनियों के साथ मुकाबला करना पड़ रहा है।
प्रोडक्टिविटी की उम्मीद बनाम हकीकत
इन खतरों के बीच भी Lagarde ने माना कि एआई का सही इस्तेमाल यूरोप की उत्पादकता (Productivity) को अगले दशक में 4% तक बढ़ा सकता है। यह विकास यूरोप के लिए बहुत जरूरी है, जो बढ़ती उम्र की आबादी और श्रम शक्ति में कमी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ग्रोथ तभी संभव है जब यूरोप विदेशी प्रदाताओं पर हद से ज्यादा निर्भर रहने के बजाय अपनी खुद की क्षमताएं विकसित करे।
