LTTS का नया दांव: प्राइसिंग प्रेशर से निपटने के लिए 'Physical AI' पर कंपनी का फोकस

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AuthorAditya Rao|Published at:
LTTS का नया दांव: प्राइसिंग प्रेशर से निपटने के लिए 'Physical AI' पर कंपनी का फोकस

L&T Technology Services (LTTS) ने पारंपरिक इंजीनियरिंग सेवाओं में घटते मार्जिन को देखते हुए अब 'Physical AI' पर बड़ा दांव लगाया है। कंपनी का लक्ष्य अगले **5** सालों में अपनी कुल रेवेन्यू का **80%** हिस्सा इसी एडवांस डिजिटल टेक्नोलॉजी से हासिल करना है।

मार्केट में जनरेटिव AI के बढ़ते प्रभाव और इंजीनियरिंग सर्विसेज के स्टैंडर्ड मॉडल्स पर दबाव के बीच, L&T Technology Services ने खुद को बदलने की रणनीति बनाई है। कंपनी अब ऐसे सॉल्यूशंस पर जोर दे रही है जहां AI सीधे तौर पर फिजिकल मशीनों और फैक्ट्री फ्लोर्स के साथ काम करता है।

क्या है कंपनी की 'Physical AI' रणनीति?

पारंपरिक सॉफ्टवेयर सर्विसेज के मुकाबले यह तकनीक ज्यादा वैल्यू-एडेड है, जिससे कंपनी को बेहतर प्राइसिंग मिल सकती है। इसके लिए कंपनी ने बेंगलुरु में एक डेडिकेटेड फिजिकल AI लैब शुरू की है, जिसे Nvidia और Siemens के सहयोग से तैयार किया गया है। यह लैब 'Digital Twins' बनाने पर काम करेगी, जिससे मैन्युफैक्चरर्स उत्पादन शुरू करने से पहले ही डिजिटल रूप से अपनी प्रक्रियाओं को ऑप्टिमाइज कर सकेंगे।

भविष्य का टारगेट और विस्तार

फिलहाल सॉफ्टवेयर और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग से कंपनी को लगभग 50% रेवेन्यू मिलता है। मैनेजमेंट का लक्ष्य इसे 80% तक ले जाने का है। अपनी इस ग्रोथ को गति देने के लिए कंपनी चालू फाइनेंशियल ईयर के अंत तक अमेरिका में भी ऐसी ही एक लैब खोलने की योजना बना रही है।

निवेशकों के लिए सबसे जरूरी यह देखना होगा कि कंपनी कितनी कुशलता से इस नई टेक्नोलॉजी को स्केल कर पाती है। हालांकि यह मार्जिन बचाने का एक स्मार्ट तरीका है, लेकिन इसके लिए भारी निवेश और टैलेंट की जरूरत होगी। कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह इंडस्ट्रियल क्लाइंट्स से कितनी लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल कर पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.