ग्रोथ में सुस्ती और गिरते ऑर्डर के बीच LTIMindtree अब शॉर्ट-टर्म आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट्स की ओर रुख कर रही है। कंपनी का ऑर्डर इनफ्लो **25%** गिरकर **$1.26 बिलियन** पर आ गया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
LTIMindtree अब अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव कर रही है। कंपनी का फोकस अब लंबी अवधि के प्रोजेक्ट्स के बजाय छोटे और तेज प्रोजेक्ट्स पर है, जिन्हें 6 से 12 महीने के भीतर पूरा किया जा सके। इस रणनीति का मकसद रेवेन्यू कलेक्शन को तेज करना है। हालिया सितंबर तिमाही में कंपनी की ग्रोथ केवल 1.1% रही है, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप नहीं है।
ऑर्डर बुक और ऑपरेशनल चुनौतियां
कंपनी के नए ऑर्डर्स में भारी गिरावट ने निवेशकों को सकते में डाल दिया है। दूसरी तिमाही में नए ऑर्डर्स $1.26 बिलियन रहे, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 25% और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 21% कम हैं। हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि AI से कुल रेवेन्यू में 13.4% का योगदान मिल रहा है, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू को लेकर स्पष्टता की कमी से विश्लेषक भविष्य के ग्रोथ अनुमानों को लेकर सतर्क हैं।
ऑपरेशनल मोर्चे पर भी दबाव साफ है। कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 15.6% रहा, जो बाजार के 15.8% के अनुमान से कम था। Randstad Technology के अधिग्रहण का खर्च और सऊदी अरब के जॉइंट वेंचर्स से मिल रहा कमजोर प्रदर्शन कंपनी के मुनाफे पर लगातार असर डाल रहा है।
बाजार की प्रतिक्रिया और वैल्यूएशन
Nifty IT इंडेक्स के मुकाबले LTIMindtree का प्रदर्शन काफी सुस्त रहा है। शेयर में इस साल अब तक 30% तक की गिरावट आ चुकी है और सोमवार को भी इसमें 1% से ज्यादा की गिरावट दिखी। फिलहाल यह स्टॉक वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित मुनाफे के 19 गुना पर ट्रेड कर रहा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी मार्जिन और नए ऑर्डर्स में कैसे सुधार करती है और अपनी नई रणनीति को कितनी सफलता से लागू कर पाती है।
