London Stock Exchange Group (LSEG) ने अपने विशाल डेटासेट को प्रोसेस करने के लिए Nvidia के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मकसद 24 घंटे की ट्रेडिंग के लिए डेटा एनालिटिक्स को आसान बनाना है, हालांकि कंपनी के संभावित **$3.5 बिलियन** के अधिग्रहण की खबरों के बीच स्टॉक में हलचल देखी गई है।
डेटा प्रोसेसिंग में आएगी रफ्तार
London Stock Exchange Group (LSEG) अब अपनी मार्केट डेटा क्षमता को अपग्रेड कर रहा है। इसके लिए कंपनी chipmaker Nvidia की GPU-एक्सीलरेटेड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी। इस कदम से संस्थान अपने 'Tick History' डेटाबेस, जिसमें पिछले तीन दशकों के 110 ट्रिलियन रिकॉर्ड्स मौजूद हैं, को अब कुछ ही सेकंड्स में प्रोसेस कर पाएंगे।
आमतौर पर इतने बड़े डेटा को एक्सेस करना एक धीमा और खर्चीला काम था, जिसमें डेटा की नकल तैयार करनी पड़ती थी। Nvidia के सॉफ्टवेयर के साथ अब क्लाइंट्स बिना किसी देरी के सीधे एनालाइज कर सकेंगे।
LSE 24 का है बड़ा प्लान
यह साझेदारी LSEG के मॉडर्नाइजेशन का अहम हिस्सा है। कंपनी 'LSE 24' नाम से एक नया ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म शुरू कर रही है, जो हफ्ते में 5 दिन, 24 घंटे काम करेगा। ग्लोबल मार्केट में लगातार ट्रेडिंग को देखते हुए, रियल-टाइम डेटा रिसर्च अब ट्रेडर्स के लिए एक जरूरी हथियार बन गया है।
अधिग्रहण की खबरें और बाजार की चिंता
तकनीकी प्रगति के बावजूद, बाजार का मूड थोड़ा संभलकर है। 13 अक्टूबर, 2026 को कंपनी के शेयर में 4.7% की गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह ऐसी रिपोर्ट्स हैं जिनमें कहा गया है कि कंपनी क्रेडिट इंटेलिजेंस फर्म Octus को $3.5 बिलियन में खरीदने की योजना बना रही है। निवेशक इस बड़े डील के आर्थिक जोखिमों और डेट मैनेजमेंट को लेकर सतर्क बने हुए हैं। फिलहाल बाजार की नजरें साल के अंत तक होने वाली LSE 24 की टेस्टिंग और अधिग्रहण से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं पर टिकी हैं।
