LG Electronics: स्मार्ट टीवी में जासूसी के आरोपों पर कंपनी ने दी सफाई, निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
LG Electronics: स्मार्ट टीवी में जासूसी के आरोपों पर कंपनी ने दी सफाई, निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

LG Electronics ने उन रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें आरोप लगाया गया था कि उसके स्मार्ट टीवी यूजर्स की बातचीत को गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर रहे हैं। कंपनी के अनुसार, सभी वॉयस फीचर्स केवल यूजर के निर्देश पर ही एक्टिव होते हैं।

आरोपों की सच्चाई

हाल ही में Gamers Nexus और Level1Techs के रिसर्चर्स ने दावा किया था कि LG के स्मार्ट टीवी यूजर्स की जानकारी के बिना नेटवर्क स्कैनिंग कर रहे हैं और webOS में सुरक्षा खामियां हैं। इन रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि इन खामियों के चलते टीवी के माइक्रोफोन का एक्सेस रिमोटली लिया जा सकता है।

कंपनी का स्पष्टीकरण

LG ने इन दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। कंपनी ने साफ किया कि वॉयस प्रोसेसिंग तभी शुरू होती है जब यूजर रिमोट पर बटन दबाता है या Far-Field वॉयस फीचर का इस्तेमाल करता है। कंपनी का कहना है कि डेटा प्रोसेसिंग डिवाइस पर ही होती है और कमांड न मिलने पर इसे तुरंत डिलीट कर दिया जाता है। साथ ही, नेटवर्क स्कैनिंग को स्मार्ट होम कनेक्टिविटी का हिस्सा बताया गया है।

ACR टेक्नोलॉजी और प्राइवेसी

विवाद का एक बड़ा हिस्सा Automatic Content Recognition (ACR) टेक्नोलॉजी को लेकर भी है, जिसका इस्तेमाल कंपनी विज्ञापनों और पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन के लिए करती है। LG का कहना है कि यह पूरी तरह से 'Opt-in' सर्विस है और यूजर की सहमति के बिना डेटा का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

निवेशकों के लिए क्या है अहम?

LG का स्मार्ट टीवी सेगमेंट विज्ञापन और कंटेंट सर्विसेज के जरिए काफी अच्छा रेवेन्यू जनरेट कर रहा है। ऐसे में प्राइवेसी को लेकर उठ रहे सवाल कंपनी की साख और फ्यूचर बिजनेस के लिए चुनौती बन सकते हैं। निवेशकों की नजर अब मिड-सितंबर 2026 में होने वाली एनालिस्ट मीटिंग पर है, जहां कंपनी की डेटा पॉलिसी और सॉफ्टवेयर पैच पर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.