शेयर में आई बम्पर तेज़ी: वजह बनी नई टेक्नोलॉजी
LG Electronics के शेयरों में 29 मई 2026 को ज़बरदस्त 23.7% की तेज़ी देखी गई, जो 279,000 वॉन तक पहुँच गए। इस उछाल की मुख्य वजह Google और Qualcomm के साथ मिलकर ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का ऐलान है। "सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल" सेक्टर में इस बड़ी छलांग ने कंपनी के टीवी डिवीज़न को बेचने की अफवाहों को फीका कर दिया। निवेशकों का ध्यान अब व्हीकल कंपोनेंट सॉल्यूशंस में कंपनी की बढ़त पर है, जिसने 2026 की शुरुआत में रिकॉर्ड तिमाही रेवेन्यू और मुनाफ़ा दर्ज किया था। वहीं, टीवी सेगमेंट लंबे समय से मार्जिन दबाव झेल रहा है।
टीवी बिज़नेस पर गहराया संकट?
भले ही LG Electronics ने 2025 में ग्लोबल OLED TV मार्केट में 49.7% की अपनी बादशाहत कायम रखी हो, लेकिन ओवरऑल टीवी ऑपरेशन भारी दबाव में हैं। 2025 में कंपनी के मीडिया और एंटरटेनमेंट डिवीज़न को 750.9 बिलियन वॉन का ऑपरेटिंग लॉस हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले बड़ा झटका है। इसकी वजह है ग्राहकों की घटती मांग और चीनी निर्माताओं, खासकर TCL और Hisense, की आक्रामक मूल्य निर्धारण नीतियां। इन कंपनियों ने ग्लोबल शिपमेंट वॉल्यूम में LG को पीछे छोड़ते हुए बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। साथ ही, DRAM और NAND फ्लैश जैसे कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत कंपनियों को या तो मार्जिन कम करने या कीमतें बढ़ाने पर मजबूर कर रही है।
स्ट्रक्चरल कमज़ोरी और भविष्य का डर
LG ने भले ही डिवेस्टमेंट (Divestment) की योजनाओं को ख़ारिज कर दिया हो, लेकिन टीवी बिज़नेस के लिए स्ट्रक्चरल जोखिम बने हुए हैं। यह इंडस्ट्री ऐतिहासिक रूप से कम मार्जिन, जो अक्सर 1% से 2% के बीच रहता है, से जूझ रही है। अपने मुनाफ़े वाले व्हीकल कंपोनेंट और एप्लायंसेज सेगमेंट के विपरीत, टीवी यूनिट मैक्रोइकॉनॉमिक अस्थिरता, संभावित टैरिफ वृद्धि और ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के महंगे रखरखाव के प्रति ज़्यादा संवेदनशील है। इसके अलावा, LG के webOS प्लेटफॉर्म का भले ही लगभग 260 मिलियन डिवाइसेस पर बड़ा यूजर बेस हो, लेकिन Google TV के दबदबे के सामने इसका प्लेटफॉर्म मार्केट शेयर कमज़ोर पड़ने का अनुमान है। 2026 तक इस सेगमेंट में मुनाफ़ा वापस लाने के लक्ष्य में किसी भी देरी से कंपनी की समेकित आय (consolidated earnings) पर असर पड़ सकता है।
भविष्य की रणनीति: B2B पर ज़ोर
मैनेजमेंट ने दो-तरफा रणनीति अपनाई है: कम लागत वाले इलाकों में प्रोडक्शन ऑप्टिमाइज़ करके टीवी डिवीज़न को स्थिर करना और साथ ही B2B व नॉन-हार्डवेयर बिज़नेस का तेज़ी से विस्तार करना। 2025 में व्हीकल और इको-सलूशन सेगमेंट से संयुक्त B2B ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट 1 ट्रिलियन वॉन से ज़्यादा हो गया, जिससे कंपनी ने अपनी ग्रोथ का केंद्र बदल दिया है। विश्लेषक इस बात पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं कि क्या AI-संचालित फीचर्स और प्रीमियम OLED लीडरशिप, 2026 के बाकी हिस्सों में मास-मार्केट टीवी स्पेस में कमोडिटाइजेशन के दबाव को झेल पाएगी या नहीं।
