AI-ड्रिवन प्लेटफॉर्म Glance ने अब अमेरिका में कदम जमाने के लिए हाथ मिलाया है। प्राइवेट इक्विटी फर्म L Catterton ने इसमें निवेश किया है, जिसका मकसद स्मार्टफोन लॉक स्क्रीन और टीवी के जरिए सीधे शॉपिंग का अनुभव देना है।
अमेरिका में विस्तार की रणनीति
कंज्यूमर सेक्टर पर केंद्रित प्राइवेट इक्विटी फर्म L Catterton ने अब इनमोबी (InMobi) समर्थित Glance में हिस्सेदारी खरीदी है। इस फंडिंग का मुख्य लक्ष्य कंपनी को अमेरिका के डिजिटल रिटेल मार्केट में खड़ा करना है। Glance का कॉन्सेप्ट पारंपरिक सर्च इंजन से बिल्कुल अलग है। यह 'एजेंटिक कॉमर्स' (Agentic Commerce) पर काम कर रही है, जहां AI खुद तय करता है कि यूजर को क्या खरीदना पसंद आ सकता है, और ये सुझाव सीधे मोबाइल या कनेक्टेड टीवी की लॉक स्क्रीन पर दिखाई देते हैं।
कैसे काम करता है Glance का मॉडल?
Glance ने Samsung, Motorola और DIRECTV जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर अपने सॉफ्टवेयर को सीधे डिवाइस के अंदर जगह बनाई है। यह मॉडल Amazon या Google की तरह नहीं है, जहां यूजर को खुद सर्च करना पड़ता है। यहाँ AI पहले ही अनुमान लगा लेता है कि यूजर की पसंद क्या है, जिससे शॉपिंग की प्रक्रिया बहुत पहले शुरू हो जाती है।
क्या हैं चुनौतियां?
अमेरिका में इस तरह के मॉडल का रास्ता आसान नहीं है। वहां के कंज्यूमर्स अपनी डिवाइस प्राइवेसी को लेकर बहुत सतर्क रहते हैं। सबसे बड़ी चुनौती 'नोटिफिकेशन फैटीग' (Notification fatigue) को दूर करना और लोगों को लॉक स्क्रीन पर विज्ञापनों या ऑफर्स के लिए राजी करना है। इसके अलावा, अमेरिका के बड़े रिटेल प्लेटफॉर्म्स के साथ मुकाबला करना और डिवाइस के इंप्रेशन को असल बिक्री (Sales) में बदलना कंपनी के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।
आगे का रास्ता
Glance के पास पहले से ही Google और Jio Platforms जैसे बड़े बैकर्स हैं। अब L Catterton का अनुभव मिलने से Glance अपनी ग्लोबल पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी। इंडस्ट्री की नजर इस पर टिकी है कि क्या Glance वहां के कड़े डेटा प्रोटेक्शन नियमों के बीच खुद को साबित कर पाती है या नहीं।
