साउथ कोरिया का Kospi इंडेक्स आज 18% तक गिर गया, जिसके चलते ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। Samsung Electronics और SK Hynix जैसी दिग्गज चिप कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गई। इसी बीच, SpaceX के मार्केट वैल्यूएशन में $400 अरब की गिरावट आई है, जिससे AI स्टॉक्स के ओवरवैल्यूड (overvalued) होने की चिंताएं बढ़ गई हैं।
क्या हुआ?
मंगलवार, 23 जून, 2026 को साउथ कोरियाई शेयर बाजार में भारी बिकवाली का माहौल रहा। Kospi इंडेक्स ट्रेडिंग के दौरान 18% तक नीचे आ गया। पहले 8% की गिरावट पर 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकी गई, लेकिन जब ट्रेडिंग फिर से शुरू हुई तो बिकवाली का दबाव और बढ़ गया और इंडेक्स 10% और गिर गया। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह टेक्नोलॉजी स्टॉक्स, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बूम से फायदा उठाने वाली चिप बनाने वाली कंपनियों में हुई भारी बिकवाली है।
SK Hynix के शेयर 11% से ज्यादा गिरे, जबकि Samsung Electronics में 8% की गिरावट दर्ज की गई। यह इंडेक्स के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि हाल ही में 19 जून को यह 9,385.59 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। 2026 में अब तक इंडेक्स 122.7% और 2025 में 75% उछल चुका था।
AI वैल्यूएशन पर सच्चाई
यह गिरावट AI सेक्टर के वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों की बढ़ती सावधानी को दर्शाती है। AI भले ही एक क्रांतिकारी तकनीक है, लेकिन अब बाजार के खिलाड़ी यह जांच कर रहे हैं कि क्या मौजूदा स्टॉक की कीमतें असल कमाई पर आधारित हैं या सिर्फ भावना (sentiment) से प्रेरित हैं। यह तेज गिरावट इस बात का संकेत देती है कि निवेशक 'रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड' (ROCE)—यानी कंपनी कितनी प्रभावी ढंग से लाभ कमाने के लिए अपने पैसे का उपयोग कर रही है—का फिर से मूल्यांकन कर रहे हैं। जब स्टॉक की कीमतें कंपनी की पूंजीगत खर्चों से उत्पन्न वास्तविक मुनाफे से तेजी से बढ़ती हैं, तो मुनाफावसूली के कारण अक्सर करेक्शन आता है।
बड़ी IPOs का महत्व
SpaceX के डेवलपमेंट ने भी बाजार के मूड को प्रभावित किया। खबरों के मुताबिक, इस हफ्ते कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन $400 अरब से ज्यादा घट गया। SpaceX ने पहले $135 प्रति शेयर की IPO कीमत के साथ $1.77 ट्रिलियन का भारी-भरकम वैल्यूएशन हासिल किया था।
बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPOs) कभी-कभी लिक्विडिटी (liquidity) को खत्म करके व्यापक बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। जब कोई बड़ी कंपनी सार्वजनिक बाजार में आती है, तो पैसिव इन्वेस्टमेंट फंड्स—जो विशिष्ट इंडेक्स को ट्रैक करते हैं—को अक्सर नई कंपनी के शेयर खरीदने पड़ते हैं। इससे इन फंड्स को जरूरी नकदी जुटाने के लिए दूसरे स्टॉक बेचने पड़ सकते हैं, जिससे मौजूदा मार्केट लीडर्स पर दबाव बढ़ सकता है।
मार्केट रोटेशन पर एक्सपर्ट की राय
मार्केट एनालिस्ट्स (analysts) निवेशकों के व्यवहार में बदलाव देख रहे हैं। जेफरीज (Jefferies) के क्रिस्टोफर वुड ने SpaceX IPO को AI के प्रति उत्साह के चरम पर पहुंचने का संभावित संकेत बताया और चेतावनी दी कि बड़ी टेक-लिस्टिंग से लिक्विडिटी पर दबाव पड़ सकता है।
अल्फानिटी फिनटेक (Alphaniti Fintech) के यू आर भट्ट ने कहा कि AI की दीर्घकालिक क्षमता पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन कई संबंधित कंपनियों के मौजूदा वैल्यूएशन चिंताजनक हैं। इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि निवेशक AI स्टॉक्स से निकलकर पारंपरिक सूचना प्रौद्योगिकी (information technology) क्षेत्रों में अपना पैसा लगा सकते हैं, जिन पर AI रैली के दौरान ध्यान नहीं दिया गया था।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए
निवेशक इस बात पर नज़र रख सकते हैं कि यह करेक्शन केवल टेक सेक्टर तक सीमित रहता है या व्यापक बाजार में फैलता है। देखने योग्य प्रमुख संकेतकों में प्रमुख टेक फर्मों की आने वाली कमाई रिपोर्ट (earnings reports) शामिल हैं, जो पुष्टि करेंगी कि क्या उनकी वास्तविक कमाई उनके वर्तमान वैल्यूएशन को सही ठहराती है। इसके अलावा, AI-भारी टेक स्टॉक्स से पारंपरिक IT या वैल्यू-ओरिएंटेड सेक्टर्स की ओर पूंजी के बदलाव का कोई भी रुझान बाजार की भावना में स्थिरता का संकेत दे सकता है। अंत में, टेक दिग्गजों से कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) अपडेट पर नज़र रखें, क्योंकि ये स्पष्टता प्रदान करेंगे कि AI विस्तार चक्र धीमा हो रहा है या केवल अधिक अनुशासित हो रहा है।
