Kodiak AI ने अपनी बिजनेस स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव करते हुए DTL Transport के साथ 75 ट्रकों के लिए डील साइन की है। अब कंपनी ट्रकों की ओनरशिप के बजाय सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग मॉडल पर शिफ्ट हो रही है, ताकि कैश बर्न को कम किया जा सके।
Kodiak AI अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से बदलने की तैयारी में है। कंपनी ने DTL Transport के साथ एक महत्वपूर्ण एग्रीमेंट किया है, जिसके तहत 2028 तक 75 ट्रकों में कंपनी का सेल्फ-ड्राइविंग सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जाएगा। यह डील कंपनी के रेवेन्यू मॉडल को पूरी तरह बदल देती है।
नया बिजनेस मॉडल: सॉफ्टवेयर पर फोकस
अब तक कंपनी खुद ट्रक खरीदकर उनका फ्लीट चला रही थी, जिसमें भारी पूंजी (Capital) खर्च होती थी। अब नया प्लान यह है कि ट्रक ट्रांसपोर्ट कंपनियां खरीदेंगी और Kodiak सिर्फ उन्हें अपना सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने के बदले फीस चार्ज करेगी। इससे कंपनी पर से एसेट मेंटेनेंस का भारी बोझ हटेगा और वे टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे।
शेयर में दबाव और भविष्य की चुनौती
सितंबर 2025 में आए IPO के बाद से कंपनी का शेयर 87% तक टूट चुका है। इस गिरावट के बीच, एसेट-लाइट मॉडल अपनाना कैश फ्लो को बचाने की एक बड़ी कोशिश है। हालांकि, मुनाफे का रास्ता अभी भी साफ नहीं है, लेकिन अनुमान है कि 75 ट्रकों के पूरी तरह ऑपरेशनल होने पर कंपनी को सालाना $11.2 मिलियन का रेवेन्यू मिल सकता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों की नजर अब दिसंबर 2026 के उस माइलस्टोन पर है, जब कंपनी बिना किसी ह्यूमन ड्राइवर के पब्लिक हाईवे पर अपने ट्रकों को चलाने की योजना बना रही है। क्या यह सॉफ्टवेयर-ओनली मॉडल कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित होगा या नहीं, यह 2028 के टारगेट और कंपनी के कैश बर्न कंट्रोल पर निर्भर करेगा।
