Kily को मिले ₹30 करोड़: AI टूल्स से Brands की बढ़ेगी ऑनलाइन धाक!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Kily को मिले ₹30 करोड़: AI टूल्स से Brands की बढ़ेगी ऑनलाइन धाक!

ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ब्रांड्स के लिए ऑटोमेशन का काम करने वाली AI स्टार्टअप Kily ने ₹30 करोड़ की फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व Sorin Investments ने किया है।

AI स्टार्टअप Kily को मिली ₹30 करोड़ की फंडिंग

एंटरप्राइज AI स्टार्टअप Kily ने हाल ही में एक बड़े फंडिंग राउंड में ₹30 करोड़ जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Sorin Investments ने किया, जिसमें Razorpay और Wyser Capital जैसे निवेशकों की भी भागीदारी रही। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपने प्रोडक्ट टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री करने वाले ब्रांड्स के लिए अपनी मार्केट पहुंच का विस्तार करने में करेगी।

ब्रांड्स के लिए ऑटोमेटेड ऑपरेशंस को स्केल करना

साल 2025 में स्थापित Kily एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान करती है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके कंज्यूमर ब्रांड्स को उनकी ऑनलाइन उपस्थिति प्रबंधित करने में मदद करता है। कंपनी के टूल्स को Amazon, Flipkart, Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ब्रांड्स के लिए जटिल दैनिक निर्णयों को ऑटोमेट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। Kily का सॉफ्टवेयर प्राइसिंग, एडवरटाइजिंग और इन्वेंटरी कंट्रोल जैसे कार्यों को मैनेज करने के लिए इन मार्केटप्लेस से डेटा प्रोसेस करता है। ऑटोमेटेड AI एजेंट्स का उपयोग करके, कंपनी ब्रांड्स को अपने ऑपरेशंस को अधिक कुशलता से स्केल करने में मदद करने का लक्ष्य रखती है। कंपनी के अनुसार, यह पहले से ही ITC जैसे बड़े कंज्यूमर ब्रांड्स के साथ काम कर रही है।

एंटरप्राइज AI पर निवेशकों का फोकस

यह फंडिंग वेंचर कैपिटल फर्मों से उन सॉफ्टवेयर के प्रति बढ़ते इंटरेस्ट को दर्शाती है जो केवल मानव उपयोगकर्ताओं की सहायता करने के बजाय स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकते हैं। इस राउंड के लीड इन्वेस्टर Sorin Investments, एक अर्ली-स्टेज फर्म है जिसे पूर्व KKR India CEO संजय नय्यर और Caravel Group CEO अंगद बंगा ने सह-स्थापित किया है। फर्म ने 2024 में ₹1,347 करोड़ का अपना पहला फंड बंद किया था। Kily के लिए, पूंजी का यह निवेश स्टार्टअप को ई-कॉमर्स ऑटोमेशन टूल्स के तेजी से प्रतिस्पर्धी स्पेस में बने रहने में मदद करेगा। जैसे-जैसे ब्रांड्स ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर हजारों दैनिक वेरिएबल्स को मैनेज करने के दबाव का सामना कर रहे हैं, रियल-टाइम में एडवरटाइजिंग और इन्वेंटरी को ऑप्टिमाइज़ करने वाले सॉफ्टवेयर की मांग बढ़ी है।

निवेशकों के लिए इस सेक्टर की निगरानी करने का मुख्य विकास Kily की इस फंडिंग को लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू ग्रोथ में बदलने की क्षमता होगी। जबकि स्टार्टअप ऑटोमेशन ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित करता है, उसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म नीतियों में तेजी से बदलावों से निपटना होगा और बड़े कंज्यूमर ब्रांड्स के साथ अपनी साझेदारी बनाए रखनी होगी। कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उसके AI एजेंट्स प्रमुख मार्केटप्लेस के विकसित हो रहे एल्गोरिदम के अनुकूल कितनी प्रभावी ढंग से हो पाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.